लंदन/लॉर्ड्स, क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर रविवार को खेले गए आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के महाकुंभ में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिला टी20 क्रिकेट में उसका दबदबा किसी से कम नहीं। टॉस और शुरुआत मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया। शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने दबाव बनाया लूसी हैमिल्टन ने अपने पहले ही ओवर में एमी जोंस को आउट कर विश्व कप में अपना पहला विकेट झटका।
इंग्लैंड की पारी पावरप्ले में इंग्लैंड की शुरुआत सुस्त रही और टीम 39/2 के स्कोर पर पावरप्ले खत्म किया, जिसमें सलामी बल्लेबाज डैनी वायट-हॉज सहित दोनों ओपनर पवेलियन लौट चुके थे। बीच के ओवरों में भी हालात मुश्किल बने रहे और 10 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर महज 68/3 था। हालांकि कप्तान नैट साइवर-ब्रंट और फ्रेया केम्प ने पारी को संभाला। दोनों के बीच 35 गेंदों में 50 रनों की साझेदारी हुई, और अंतिम ओवरों में तेजी दिखाते हुए इंग्लैंड ने आखिरी ओवर में 13 रन बटोरकर 20 ओवर में 150/4 का स्कोर खड़ा किया। साइवर-ब्रंट 53 गेंदों में नाबाद 58 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि केम्प ने महज 28 गेंदों में 44 रनों की धुआंधार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की शानदार चेज़ 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को शुरुआती झटका लगा जब लॉरेन बेल ने जॉर्जिया वॉल को क्लीन बोल्ड कर दिया और टीम 17/1 के स्कोर पर सिमटती नजर आई। लेकिन इसके बाद अनुभवी बेथ मूनी और फोबी लिचफील्ड ने मोर्चा संभाला। पावरप्ले में ही ऑस्ट्रेलिया ने आक्रामक अंदाज में 62/1 का स्कोर बना लिया, जिसमें मूनी ने 19 गेंदों में पांच चौकों की मदद से नाबाद 28 रन बनाए। इसके बाद मूनी ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए महज 38 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया — यह उनका इस विश्व कप का नौवां अर्धशतक था, जिसने उन्हें नैट साइवर-ब्रंट के बराबर पहुंचा दिया।
लिचफील्ड ने भी आतिशी अंदाज दिखाते हुए स्विच-हिट और छक्कों से रनगति बनाए रखी। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 29 गेंदों में 50 रनों की साझेदारी हुई, और टीम ने 17.1 ओवर में 150 रन के आंकड़े को छू लिया। हालांकि इसी दौरान मूनी को आउट होना पड़ा, लेकिन तब तक जीत की राह लगभग साफ हो चुकी थी। अंततः ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 20 ओवरों से पहले ही लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड को उसी की सरजमीं पर 7 विकेट से मात दी। टूर्नामेंट में दबदबा इस पूरे टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन बेमिसाल रहा। यह टीम शुरू से ही दबदबे में रही और पूरे टूर्नामेंट में उसे शायद ही कोई बड़ी मुश्किल झेलनी पड़ी हो — मूनी, लिचफील्ड और गेंदबाजों, सभी ने अहम योगदान दिया। दूसरी ओर, इंग्लैंड के लिए यह हार निगलना आसान नहीं होगा, क्योंकि टीम 2009 के बाद अपना पहला खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरी थी। खिताबी इतिहास में एक और अध्याय इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। बता दें कि दोनों टीमें इस बार टूर्नामेंट की एकमात्र अपराजित टीमें थीं, जिससे फाइनल मुकाबला और भी रोमांचक हो गया था। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर हजारों दर्शकों की मौजूदगी में खेला गया यह फाइनल क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार बन गया, जहां ऑस्ट्रेलिया ने अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण — तीनों विभागों में बेहतरीन तालमेल दिखाकर खिताब पर कब्जा जमाया।

