Noida News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में समय तेजी से करवट लेता है और राजनीति में स्थायी तौर पर कोई भी हाशिये पर नहीं रहता। इसका ताजा उदाहरण भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर (Nawab Singh Nagar) हैं, जिन्हें हाल ही में भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
कुछ समय पहले तक राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम थी कि नवाब सिंह नागर का प्रभाव अब पहले जैसा नहीं रहा। पार्टी के कई प्रभावशाली नेता उनसे दूरी बनाते नजर आने लगे थे। भाजपा के कार्यक्रमों और बैठकों में उन्हें आमंत्रित तो किया जाता था, लेकिन कभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में रहने वाले इस नेता को अक्सर दूसरी पंक्ति में बैठना पड़ता था।
हालांकि, यह भी उतना ही सच है कि नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में भाजपा को मजबूत जनाधार दिलाने में नवाब सिंह नागर की भूमिका को राजनीतिक विरोधी भी आसानी से नकार नहीं सकते। जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन अपनी जड़ें मजबूत करने के प्रयास में था, उस दौर में नागर लगातार गांव-गांव और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहे। संगठन खड़ा करने और स्थानीय स्तर पर पार्टी का विस्तार करने में उनका योगदान लंबे समय से माना जाता रहा है।
मिलनसार और सादगीपूर्ण अंदाज
भाजपा नेतृत्व ने जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर मुहर लगाई, तो राजनीतिक समीकरण अचानक बदलते दिखाई दिए। जो नेता और कार्यकर्ता पहले दूरी बनाए हुए थे, वे अब उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात कर रहे हैं। बधाई देने वालों और समर्थन जताने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। दिलचस्प बात यह है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी नवाब सिंह नागर के व्यवहार और कार्यशैली में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। उनसे मिलने वाले नेता और कार्यकर्ता बताते हैं कि वह पहले की तरह सहज, मिलनसार और सादगीपूर्ण अंदाज में लोगों से मिलते हैं, उनकी बातें सुनते हैं और संगठन को लेकर खुलकर चर्चा करते हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। पश्चिमी यूपी प्रदेश की राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है और यहां की सामाजिक तथा राजनीतिक परिस्थितियां पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित करती हैं। ऐसे में एक अनुभवी और जमीनी नेता को कमान सौंपना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गुर्जर समाज के प्रभावशाली चेहरे
Nawab Singh Nagar लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर समाज के प्रभावशाली चेहरे के रूप में भी पहचाने जाते हैं। भाजपा नेतृत्व उनकी संगठनात्मक क्षमता, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और क्षेत्रीय समीकरणों पर मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है। भाजपा द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति के तहत यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नवाब सिंह नागर की नियुक्ति के बाद कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। स्वयं नागर भी कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि उनकी प्राथमिकता कार्यकर्ताओं का सम्मान और सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत करना होगी।
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा भी तेज है कि जिस नेता को कुछ लोग राजनीतिक रूप से पीछे मानने लगे थे, वही नेता आज एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन के सबसे महत्वपूर्ण चेहरों में शामिल हो गया है। यह बदलाव सिर्फ एक पद मिलने का नहीं, बल्कि संगठन में अनुभव, जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं से रिश्तों की अहमियत का भी संकेत माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नवाब सिंह नागर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन को कितनी नई ऊर्जा और मजबूती दे पाते हैं, लेकिन इतना तय है कि उनकी राजनीतिक पारी का यह नया अध्याय एक बार फिर उन्हें प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ले आया है।

