पुलिस की सतर्कता से ट्रक में फांसी का फंदा लेकर भाग रहे 38 वर्षीय युवक की जान बची; सोशल मीडिया अलर्ट से हुई लोकेशन ट्रेसिंग

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की सक्रियता और मुख्यालय सोशल मीडिया सेंटर व मीडिया सेल के समन्वित प्रयासों ने दादरी थाना क्षेत्र में आत्महत्या के इरादे से ट्रक चला रहे 38 वर्षीय युवक की समय पर खोज कर उसकी जान बचा ली। घटना की शुरुआती जानकारी इंस्टाग्राम पर युवक द्वारा अपलोड किए गए आत्महत्या संबंधी वीडियो के माध्यम से मिली, जिसके बाद मेटा कंपनी ने 30 जून को सुबह 10:57 बजे मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेंटर को अलर्ट भेजा।

पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार प्राप्त अलर्ट पर तुरंत पीड़ित की रीयल-टाइम लोकेशन ट्रेस की गई और सूचना कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल को उपलब्ध करायी गयी। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के दिशानिर्देश में मीडिया सेल ने थाना दादरी को त्वरित कार्रवाई के लिए तुरंत सूचित किया। उपलब्ध लोकेशन और जानकारी के आधार पर थाना दादरी की पुलिस टीम ने तत्काल पीड़ित की तलाश आरंभ कर दी।

पुलिस के अनुसार युवक ट्रक चलाते हुए लगातार आगे बढ़ रहा था, जिस कारण टीम ने उसकी रीयल-टाइम लोकेशन पर नजर रखते हुए पीछा किया। लगभग 20 मिनट के अथक प्रयास के बाद पुलिस टीम पीड़ित तक पहुंचने में सफल रही और ट्रक को सुरक्षित रोका। ट्रक की तलाशी में वाहन के अंदर लगी लोहे की रॉड पर रस्सी का फंदा बंधा पाया गया, जो युवक के आत्मघाती इरादों की पुष्टि करता है। पुलिसकर्मियों ने युवक को तुरंत ट्रक से सुरक्षित बाहर उतारा, उसे पानी पिलाया और शांत वातावरण में लगातार समझाकर उसकी मानसिक स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। घटनास्थल पर युवक के परिजनों को सोशल मीडिया पोस्ट व वर्तमान स्थिति की जानकारी देकर बुलाया गया। परिजनों के आने पर आवश्यक परामर्श पश्चात पुलिस ने युवक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।

प्राथमिकी के दौरान युवक ने बताया कि उसके और उसकी पत्नी के बीच चल रहे विवाद के कारण वह मानसिक रूप से अत्यंत व्यथित और अवसादग्रस्त हो गया था। इसी तनाव में उसने आत्मघाती विचारों के चलते यह कदम उठाया और कहा कि यदि पुलिस समय पर न पहुंचती तो वह किसी सुनसान स्थान पर जाकर वाहन रोककर आत्महत्या कर लेता। पुलिस द्वारा की गई काउंसलिंग में युवक ने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का आश्वासन दिया। पुलिस कमिश्नरेट ने मीडिया सेल के माध्यम से बताया कि मामले में समयनिष्ठता, समन्वय और मानवता पर आधारित त्वरित प्रतिक्रिया ने जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। पीड़ित के परिजनों ने पुलिस कर्मियों की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की। मामले की आगे की कानूनी औपचारिकताएं और परामर्श संबंधी आवश्यक कदम परिजन व संबंधित विभाग मिलकर उठाएंगे। पुलिस कमिश्नरेट ने लोगों से आग्रह किया है कि कोई भी आत्महत्या रुझान दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से संपर्क करें तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे कंटेंट की जानकारी देने का सहयोग करें।

यह भी पढ़ें: 37 साल बाद भी अधूरा FNG एक्सप्रेसवे, नोएडा में 23 किमी का हिस्सा आधा भी पूरा नहीं, सीईओ ने बाधाओं की विस्तृत रिपोर्ट तलब की

यहां से शेयर करें