केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, साजिश के नए खुलासे

पुणे के लोहागढ़ किले से 25-26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत का मामला अब हत्या की साजिश में बदल चुका है। पुणे कोर्ट ने मुख्य आरोपियों सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) को आज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने आगे की जांच के लिए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले की खाई में केतन अग्रवाल की लाश मिली थी। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि सिया गोयल, जो केतन की मंगेतर थी, और चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने केतन को किले से धक्का देकर मार डाला ताकि हत्या को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।

साजिश की डिटेल्स

पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन का अफेयर चल रहा था। सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिवारों ने फरवरी में उनकी सगाई कर दी थी और नवंबर में शादी तय थी। केतन के परिवार ने शादी के खर्च के लिए लगभग 1 करोड़ रुपये भी ट्रांसफर कर दिए थे। सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की। उन्होंने किले का रेकी की, हत्या के तरीके ऑनलाइन चर्चा किए और यहां तक कि क्राइम को रिहर्सल भी किया। एक अहम खुलासा यह है कि हत्या से ठीक 34 मिनट पहले सिया ने चेतन को फोन किया। पुलिस का दावा है कि सिया ने चेतन को ‘बैठ जाने’ का सिग्नल दिया, जिसके बाद चेतन ने केतन को धक्का दिया। दोनों ने फोन चैट्स डिलीट कर दीं और रिसाइकल बिन भी क्लियर किया, जिसकी फॉरेंसिक जांच चल रही है। पूछताछ में दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सिया का कहना है कि चेतन ने धक्का दिया, जबकि चेतन सिया पर मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा रहा है। पुलिस ने क्राइम सीन रिक्रिएट किया और दोनों को लोहागढ़ किले ले जाकर घटना की पुनर्रचना करवाई।

जांच के मोड़

पॉलीग्राफ टेस्ट: पुलिस ने दोनों पर लाई डिटेक्टर टेस्ट की अनुमति मांगी है क्योंकि प्रत्यक्ष गवाह नहीं हैं। प्रॉसीक्यूशन सर्कमस्टेंशियल एविडेंस पर निर्भर है।
सीसीटीवी और अन्य सबूत: कैफे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जहां दोनों दिखे। फोन लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स और डिलीटेड डेटा महत्वपूर्ण हैं।
परिवारों की प्रतिक्रिया: केतन के परिवार ने सिया पर विश्वासघात का आरोप लगाया। सिया के भाई साहिल गोयल ने कहा कि अगर सिया को शादी में कोई आपत्ति होती तो परिवार रिश्ता तोड़ देता। पुलिस अधिकारी संदीप गिल ने दोनों पर हत्या का आरोप लगाया है। वकीलों ने आरोपों से इनकार किया है। यह केस ‘ट्रायल बाय मीडिया’ का भी उदाहरण बन गया है, जहां सोशल मीडिया पर तीखी बहस चल रही है। केतन अग्रवाल एक सफल रियल एस्टेट व्यवसायी थे। उनकी मौत ने पूरे पुणे में सदमा पहुंचाया है। पुलिस आगे की जांच में और सहयोगियों की भूमिका की तह तक जाने का दावा कर रही है। मामला विकासशील है और कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी। यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों, पुलिस बयानों और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार है।

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