राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से सामने आए एक जघन्य अपराध ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची को अगवा कर कई दिनों तक अवैध रूप से संचालित होटलों में बंधक बनाकर रखा गया, जहां दर्जनों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
कैसे हुई घटना दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, बच्ची 18 जून को अपने घर से लापता हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि एक ऑटो/रिक्शा चालक ने उसे बहला-फुसलाकर अगवा किया और श्रीगंगानगर के एक होटल मालिक को बेच दिया। इसके बाद अगले पांच दिनों में उसे शहर के तीन अलग-अलग होटलों में ले जाया गया, जहां होटल मालिकों और मैनेजरों की मिलीभगत से 30 से अधिक व्यक्तियों ने उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। परिजनों की शिकायत और बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद 22 जून को उसे बरामद किया गया।
कानूनी कार्रवाई पुलिस ने POCSO एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक इस मामले में करीब 8-10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष की तलाश जारी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराकर उसे पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल तीन अवैध होटलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया मामला उजागर होते ही श्रीगंगानगर सहित पूरे राजस्थान में जनाक्रोश फैल गया। स्थानीय विधायक ने इसे पुलिस और खुफिया तंत्र की नाकामी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर उग्र प्रदर्शन किया और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और बाल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मामले की गहनता से जांच जारी है।

