नोएडा/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गौतमबुद्ध नगर के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर ऊर्जा, एमएसएमई और औद्योगिक आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र को देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-10 से शुरू होगा, जहां वह अंबर एवं एसेंट-के सर्किट के इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0) योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही है और इसे उत्तर प्रदेश के पहले बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इन इकाइयों के शुरू होने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है तथा मोबाइल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री यमुना सिटी के सेक्टर-8 स्थित एसएईएल के सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे। कंपनी द्वारा यहां सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल निर्माण की अत्याधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। यह परियोजना भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा उत्पादन को मजबूती देने के साथ-साथ यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को राष्ट्रीय सौर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कंपनी ने इस क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजना बनाई है।
औद्योगिक परियोजनाओं के बाद मुख्यमंत्री नोएडा प्राधिकरण के नए मुख्य प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करेंगे। आधुनिक तकनीक और स्मार्ट प्रशासनिक सुविधाओं से लैस यह भवन नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। माना जा रहा है कि नए भवन से नागरिक सेवाओं के साथ-साथ निवेशकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री के दौरे का एक बड़ा आकर्षण एमएसएमई दिवस के अवसर पर 2,478 करोड़ रुपये की लागत वाली 70 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी होगा। इनमें औद्योगिक अवसंरचना, सड़क, जलापूर्ति, विद्युत, उद्यम विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना और निर्यात क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
नोएडा प्राधिकरण के सभागार में मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। बैठक में गौतमबुद्ध नगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रही सड़क एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा किए जाने की संभावना है। विशेष रूप से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर चर्चा हो सकती है।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन राज्य के एमएसएमई, निर्यातकों और उद्योग जगत को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार को उम्मीद है कि आगामी ट्रेड शो के जरिए उत्तर प्रदेश को और अधिक घरेलू एवं विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफलता मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक अवसंरचना में हो रहा यह निवेश गौतमबुद्ध नगर को देश के सबसे बड़े विनिर्माण केंद्रों में शामिल कर सकता है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक नेटवर्क इस क्षेत्र को निवेशकों की पहली पसंद बना रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स, हरित ऊर्जा और वैश्विक व्यापार के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का भी संकेत माना जा रहा है।

