मुसल्लहपुर हाट स्थित प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज में गुरुवार शाम अचानक आग लगने की घटना घटी। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक आग का आरम्भ बिल्डिंग के बिजली घर/बिजली बोर्ड के तारों में शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ। घटना के समय संस्थान में सैकड़ों छात्र पढ़ाई कर रहे थे, मगर राहत की बात यह रही कि प्रभारी कर्मचारियों की तत्परता और उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों के तत्काल उपयोग से आग को बड़े नुकसान से पहले दबा दिया गया। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और पूरी स्थितियों को नियंत्रित कर जांच शुरू कर दी है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम और बचाव प्रयास
शाम करीब (प्राथमिक समयानुमान) बजे बिजली घर से निकली चिंगारी के साथ धुंआ फैलना शुरू हुआ, जिससे कक्षाओं में पढ़ रहे छात्र घबरा गए और बाहर की ओर भागने लगे। कुछ देर के लिए परिसर में भगदड़ और अफरा-तफरी का दृश्य नजर आया। स्थिति को गंभीर होते देखकर संस्थान के सतर्क स्टाफ ने पास उपलब्ध फायर एक्सटिंग्युइशर्स और अन्य अग्निशमन उपकरणों का उपयोग किया और आग को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित किया। स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीम शीघ्र ही मौके पर पहुँची और शेष धुआं व आग पर काबू पाकर पूरा निरीक्षण किया। फायर विभाग के अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद उपकरण और वायरिंग की जांच कर रहे हैं।
फायर सेफ्टी मानकों पर उठे सवाल
इस घटना ने पुनः कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रश्न खड़ा कर दिए हैं। यह बात उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में कोचिंग सेंटरों में हुई कई घटनाओं के बाद फायर सेफ्टी विभाग ने पटना के प्रमुख कोचिंग केंद्रों का औचक निरीक्षण और फायर ऑडिट किया था। उसी जांच में खान ग्लोबल स्टडीज में कुछ सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां पाई गईं थीं और संस्थान को सुधार के निर्देश दिए गए थे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारीयों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कहा कि मामले की संपूर्ण जांच करायी जाएगी। पटना नगर निगम और फायर डिपार्टमेंट ने संयुक्त टीम बनाकर संस्थान के इमारती ढांचे, विद्युत् वायरिंग, अग्निशमन उपकरणों की स्थिति और आपात निकासी मार्गों का निरीक्षण तेज कर दिया है। प्रारम्भिक निर्देशों में संस्थान को आवश्यक सुरक्षा सुधार लागू करने और अगली तिथि पर पुनः निरीक्षण के लिए कहा गया है। अधिकारीयों ने कहा कि अगर अनियमितताएँ बरकरार मिलीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अस्थायी बंद करने के निर्देश भी शामिल हो सकते हैं।
संस्थान का बयान
खान ग्लोबल स्टडीज के प्रशासन ने बताया कि वे घटना से चिंतित हैं और सभी छात्रों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। संस्थान ने कहा कि शुरुआती शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई घटना में समय पर बचाव होने से बड़े नुकसान से बचा जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि जिन कमियों की पहचान की गई थी, उन्हें जल्द ही दुरुस्त किया जा रहा है और प्रशासन से समन्वय कर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
छात्रों और उनके अभिभावकों ने शुरुआती घबराहट और भगदड़ की बात बताई, पर कई अभिभावकों ने संस्थान के कर्मचारियों की तत्परता की सराहना भी की। स्थानीय लोगों ने कहा कि कोचिंग केंद्रों का वेतन और बुनियादी संरचनात्मक सुरक्षा पर ध्यान बहुत जरूरी है क्योंकि इनमें बड़ी संख्या में छात्र होते हैं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रभावी बचाव व्यवस्था अनिवार्य है।
क्या यह चिंतिाजनक संकेत है?
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे-छोटे शॉर्ट सर्किट भी तब आपदा का रूप ले सकते हैं जब भवनों की विद्युत व्यवस्था पुरानी हो, वायरिंग गलत तरीके से की गई हो, या अग्निशमन उपकरण और निकास मार्ग ठीक से न हों। पिछले ऑडिट में सामने आई कमियों को निवारण के निर्देश दिये जाने के बावजूद इस मामूली आग की घटना ने फिर से यह दर्शाया है कि निर्देशों का क्रियान्वयन और नियमित निरीक्षण समान रूप से आवश्यक है।
आगे का रोडमैप
फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि वे सभी कोचिंग संस्थानों के रेकॉर्ड और पिछली ऑडिट रिपोर्ट्स की समीक्षा कर रहे हैं। खान ग्लोबल स्टडीज की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही की प्रकृति का खुलासा होगा। साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

