विश्व कप 2026: मेसी ने रचा इतिहास, 18 गोलों के साथ बने सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर, जादू अब भी बरकरार

सार: मेसी की कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि उम्र, परिवार की चिंता और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मैदान पर बने रहने के जुनून की है। हर गोल के साथ यह साबित होता जा रहा है कि “जादू” अभी खत्म नहीं हुआ और शायद अभी और भी बड़े रिकॉर्ड इंतज़ार में हैं।

फुटबॉल की दुनिया एक बार फिर लियोनेल मेसी के नाम का जयघोष कर रही है। अर्जेंटीना के कप्तान ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ ग्रुप-जे मुकाबले में दो गोल दागकर फीफा विश्व कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। सोमवार को अर्लिंगटन के डलास स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में मेसी ने 38वें मिनट में गोल दागकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोसे का रिकॉर्ड तोड़ा और स्टॉपेज टाइम में एक और गोल जमाकर अपनी बढ़त को और पुख्ता कर दिया। अब मेसी के नाम छह टूर्नामेंटों में कुल 18 विश्व कप गोल दर्ज हो गए हैं। इस उपलब्धि के साथ वह पुरुष और महिला दोनों वर्गों के फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, उन्होंने ब्राजील की महान खिलाड़ी मार्टा के 17 गोलों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। 

पेनल्टी मिस के बावजूद इतिहास रचा

मैच की शुरुआत मेसी के लिए आसान नहीं रही। नौवें मिनट में उन्होंने एक पेनल्टी किक गोलपोस्ट के दाईं तरफ बाहर मार दी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 38वें मिनट में फकुंदो मेदिना के पास पर बायें पैर से शानदार वन-टाइमर गोल में बदल दिया। इसके बाद दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्होंने टूर्नामेंट का अपना पांचवां गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-0 से जीत दिलाई।

हफ्तेभर पहले ही बराबर किया था क्लोसे का रिकॉर्ड

मेसी ने पिछले हफ्ते अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक जमाकर क्लोसे के 16 गोलों के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी, जिससे अर्जेंटीना ने अपने खिताब की रक्षा की शुरुआत 3-0 की जीत के साथ की थी। उस मैच में भी उन्होंने एक पेनल्टी मिस की थी, लेकिन इसके बावजूद वह अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक जमाने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी बन गए थे।

भावुक पल भी आए साथ

टूर्नामेंट की चमक के बीच मेसी के निजी जीवन का एक भावुक पहलू भी सामने आया। अल्जीरिया के खिलाफ अपने पहले गोल के बाद मेसी भावुक नज़र आए थे, और बाद में पता चला कि उनके पिता किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। इस व्यक्तिगत चुनौती और हैमस्ट्रिंग की समस्या के बावजूद मैदान पर उनका प्रदर्शन टीम के लिए प्रेरणा बना रहा।

छठा विश्व कप, अब भी अद्वितीय

यह मेसी का छठा विश्व कप है, जिसकी शुरुआत उन्होंने 2006 में की थी, और अब अर्जेंटीना के लिए उनके नाम 201 मैचों में 121 गोल दर्ज हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ गोल करने के साथ ही वह विश्व कप इतिहास में लगातार छह मैचों में गोल करने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए — उनसे पहले यह कमाल फ्रांस के जस्ट फॉनटेन (1958) और ब्राज़ील के जायरज़िन्हो (1970) ही कर सके थे। 39 साल की उम्र के करीब पहुंच चुके मेसी का यह प्रदर्शन और भी खास हो जाता है। उनकी कोशिशों से अर्जेंटीना पहले ही नॉकआउट दौर में जगह बना चुका है, और टीम अब 28 जून को जॉर्डन से भिड़ेगी — जहां मेसी के पास अपने रिकॉर्ड को और बढ़ाने का मौका रहेगा।

गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे

टूर्नामेंट के इस पड़ाव पर मेसी गोल्डन बूट रेस में भी सबसे आगे हैं। उन्होंने अब तक अर्जेंटीना के सभी पांच गोलों में योगदान दिया है और फ्रांस के काइलियन एम्बाप्पे तथा नॉर्वे के अर्लिंग हालैंड जैसे स्टार खिलाड़ी भी उनसे पीछे की दौड़ में शामिल हैं।

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