एआई निगरानी से जैमर्स तक: NTA ने NEET री-टेस्ट में छोड़ा कोई कमजोर कड़ी नहीं, आज 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी दोबारा मैदान में

मई में हुए कथित पेपर लीक घोटाले के बाद रद्द की गई NEET-UG 2026 परीक्षा का री-टेस्ट आज देशभर में हो रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा उपायों के साथ कोई कसर नहीं छोड़ी है। AI-सक्षम निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, 13.8 लाख CCTV कैमरे, सिग्नल जैमर्स और भारी पुलिस तैनाती के बीच 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी दोबारा अपनी किस्मत आजमाएंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे 12 मई को कैंसिल कर दिया गया। CBI जांच में पेपर लीक और अनियमितताओं के सबूत मिलने के बाद सरकार ने पूरे देश के लिए री-टेस्ट का फैसला लिया। इस बीच अभ्यर्थियों और उनके परिवारों पर भारी मानसिक दबाव पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रद्द होने से लेकर आज तक कम से कम 12 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। गाजियाबाद, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में ऐसे दर्दनाक मामले सामने आए। कई परिवार अब भी सदमे में हैं। कुछ अभ्यर्थी तो परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का बोझ भी नहीं उठा पाए।

अभ्यर्थियों का संघर्ष और राजनीतिक घमासान

अभ्यर्थियों की कहानी दिल दहला देने वाली है। कई छात्र महीनों की तैयारी के बाद दोबारा पेपर देने जा रहे हैं। उनके माता-पिता कहते हैं, “दिल पर बोझ लिए सुबह-सुबह गार्जियन के साथ निकल पड़े हैं।” कुछ परिवारों में आर्थिक तंगी भी बढ़ गई है। यात्रा, रहने और दोबारा तैयारी का खर्च उठाना आसान नहीं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बवाल भी तेज है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। विपक्षी दल NTA और सरकार पर लगातार हमला बोल रहे हैं। वहीं, कुछ छात्र संगठन और अभिभावक पूरे सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं।

सुरक्षा का अभूतपूर्व कवच

NTA ने इस बार सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क नहीं लिया। मुख्य उपाय इस प्रकार हैं, 13.8 लाख CCTV कैमरे और AI-सक्षम रीयल-टाइम मॉनिटरिंग 5,440+ केंद्रों पर। 51,000+ सिग्नल जैमर्स ताकि कोई इलेक्ट्रॉनिक चीटिंग न हो सके। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (आधार आधारित), फेशियल रिकग्निशन और लाइव फोटोग्राफी। मेटल डिटेक्टर से सख्त फ्रिस्किंग, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बैन। प्रश्न पत्र सेट करने वालों को लॉकडाउन में रखा गया, Air Force की मदद से सुरक्षित परिवहन। मॉक ड्रिल, थ्री-टियर सुरक्षा, साइबर निगरानी और फेक न्यूज पर नकेल। Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया गया। NTA डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है ताकि अभ्यर्थियों को इंतजार न हो। दिल्ली में कूलिंग जोन, मेडिकल मदद और फ्री DTC बस सुविधा भी दी गई है।

क्या फिर लीक हो सकता है?

अधिकारियों का दावा है कि इस बार पेपर पूरी तरह सुरक्षित है। फेक लीक क्लेम्स को NTA ने खारिज किया है और अभ्यर्थियों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचें। Supreme Court भी री-टेस्ट पर अड़ा हुआ है। हालांकि, छात्रों में आशंका बनी हुई है। कुछ वायरल क्लेम्स के बावजूद कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उच्चाधिकारियों ने बार-बार आश्वासन दिया है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। NTA का कहना है कि रिजल्ट जल्दी घोषित किए जाएंगे।

आगे का रास्ता

यह री-टेस्ट न सिर्फ छात्रों के भविष्य का, बल्कि NTA की विश्वसनीयता का भी इम्तिहान है। NEET जैसे परीक्षाओं में बार-बार घोटालों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य में CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड, बेहतर प्रश्न बैंक और मजबूत एंटी-लीक मॉड्यूल अपनाए जाएं।

अभ्यर्थियों से अपील: फोकस रखें, स्वस्थ रहें। परिवारों को मानसिक सहयोग दें। आज का दिन ईमानदारी और मेहनत की जीत का साबित हो, यही उम्मीद है। NEET री-टेस्ट सफल हो, देश के भविष्य के डॉक्टर्स तैयार हों – यही सबकी कामना है।

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