नोएडा। राज्य कर विभाग, गौतमबुद्ध नगर जोन के सेक्टर-148 स्थित कार्यालय में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। समीक्षा बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) वेद प्रकाश सिंह को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। इस घटना के पीछे अपर आयुक्त (एडिशनल कमिश्नर) संदीप भागिया द्वारा की गई कथित अभद्रता और धमकी को जिम्मेदार बताया जा रहा है। इससे पहले भी एडिशनल कमिश्नर पर कई गंभीर आरोप लग चुके है। हांलाकि उसके बाद भी उन पर कार्रवाई नही हुई थी। इस मामले में डिप्टी कमिश्नर के परिजनों की और से फिलहाल कोई शिकायत नही दी गई है।
क्या हुआ बैठक में?
बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार, वेद प्रकाश सिंह हाथ जोड़कर अपर आयुक्त से विनती कर रहे थे कि सभी काम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे, थोड़ा समय दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले पाँच दिनों से पुलिस भर्ती में ड्यूटी थी और साथ ही पूरे स्टाफ की जनगणना में भी ड्यूटी लगी हुई है — इसके बावजूद दिन-रात काम किया जा रहा है।
लेकिन आरोप है कि एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया ने उनकी एक भी नहीं सुनी और अभद्रता पर उतर आए। यहाँ तक कि यह धमकी भी दी कि “तुम्हारा प्रमोशन भी नहीं होने देंगे।” इसी दौरान वेद प्रकाश सिंह बेहोश होकर गिर पड़े। साथी अधिकारी उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें ICU में शिफ्ट किया।
परिवार को सूचना, बनारस से आ रहे परिजन
अधिकारियों ने बताया कि वेद प्रकाश सिंह के परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। उनके परिजन बनारस से रवाना हो चुके हैं।
Noida News
यह पहली घटना नहीं
सहकर्मी अधिकारियों का कहना है कि एडिशनल कमिश्नर जब भी बैठक लेते हैं, किसी न किसी अधिकारी के साथ अभद्रता और गाली-गलौज होती है। पिछले सप्ताह ही डिप्टी कमिश्नर आलोक कुमार को माइनर अटैक पड़ा था। इसके अलावा अधिकारी मधुलिका सिंह भी कथित प्रताड़ना से परेशान बताई जा रही हैं।
अपर आयुक्त का बयान
इस पूरे मामले पर अपर आयुक्त संदीप भागिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा —
“समीक्षा के दौरान डिप्टी कमिश्नर को दिक्कत हो रही थी। सवाल पूछे जाने पर वह उद्वेलित होने लगे। उन्हें शांत कराने की कोशिश की गई, लेकिन वह शांत नहीं हुए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनकी तबीयत ठीक है।”
मामला गंभीर, जांच की मांग
Noida News: इस घटना ने विभाग के भीतर कार्यस्थल पर मानसिक दबाव और अधिकारियों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी वर्ग में इस घटना को लेकर भारी रोष है और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।

