गिरोह का पर्दाफाश: बंद मकानों की रेकी कर लाखों के आभूषण व नकदी लेकर भागने वाले दो शातिर चोर बीटा-2 पुलिस ने धर दबोचा

सिटी पार्क के पास छिपाए गए जेवरात बरामद, टीम अब बाकी साथियों की खोज में जुटी; इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी

थाना बीटा-2, गौतमबुद्धनगर बंद पड़े मकानों की रेकी कर ताबड़तोड़ चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह के दो सदस्यों को थाना बीटा-2 पुलिस ने 11 जून 2026 की रात घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य के आभूषण, नकदी, पीतल की टोंटियां, घरों के हैंडल और दो अवैध चाकू बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने अपने अन्य सहठगों के साथ मिलकर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

घटनाक्रम पर मिली जानकारी के मुताबिक, बीटा-2 थाने को गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर सिटी पार्क के पास संदिग्ध गतिविधि का पता चला। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने 11 जून की रात वहां घेराबंदी कर सौरभ (पुत्र भजन लाल), निवासी ग्राम नीरपुर नंगला, थाना हरदुआगंज, जनपद अलीगढ़ (वर्तमान पता ग्राम नवादा, थाना बीटा-2) तथा अजय (पुत्र किशन सिंह), निवासी ग्राम रामनगर, थाना बकेवर, जनपद इटावा (वर्तमान पता ग्राम नवादा, थाना बीटा-2) को दबोच लिया।

तलाशी में बरामद सामान

दो सोने की चैन, एक हार, एक जोड़ी कान के बुंदे, एक मोती माला, करीब पांच हजार रुपये नकद, पांच पीतल की टोंटियां, दो दरवाजों के हैंडल, दो अवैध चाकू| पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे और उनके साथी पहले बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे, मौके पाकर मकानों में घुसकर आभूषण व नकदी पार कर लेते थे और चोरी की रकम व माल को आपस में बांट लिया करते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि 28 मई 2026 की रात ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 स्थित एक बंद मकान को निशाना बनाया गया था, जहां से कथित तौर पर लाखों की कीमत के आभूषण और लगभग 35,000 रुपये नकद चुराए गए थे। आरोपियों के मुताबिक, नकदी को आपस में बांट लिया गया जबकि आभूषणों को सिटी पार्क क्षेत्र में छिपा दिया गया था। आरोपियों का कहना था कि वे छिपाए गए आभूषण बेचने की फिराक में थे तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों युवकों के खिलाफ पहले भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और उनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। थाना बीटा-2 के इंस्पेक्टर ने बताया, “घटनास्थल व बरामद सामान की प्राथमिक तालिका तैयार कर ली गई है। अभी आगे की जांच के लिए एफएसएल रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य सामूहिक पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।”

पुलिस कार्रवाई और भविष्य की योजनाएँ

थाना पुलिस ने कहा है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाने और उन्हें धर पकड़ने के लिए चुस्त-दस्त टीम लगाई गई है। साथ ही, जनपद में बंद पड़े मकानों की सुरक्षा और आसपास के इलाकों में पैट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। स्थानीय थाना-अधिकारियों ने निवासियों से भी अनुरोध किया है कि वे अपने खाली पड़े घरों की नियमित निगरानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

स्थानीय निवासी किसी भी चोरी की घटना से चिंतित

अल्फा-1 व सिटी पार्क के पड़ोसियों ने इस गिरफ़्तारी पर अस्थायी राहत की भावना जताई, पर कई लोगों ने कहा कि क्षेत्रों में खाली पड़ी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “बार-बार सुनने में आता है कि खाली मकानों को टार्गेट किया जाता है — प्रशासन को इससे निपटने के ठोस कदम उठाने होंगे।”

आगे की कार्रवाई

थाना बीटा-2 पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है और ज़रूरी कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जनपद में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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