नया बांस सेक्टर‑15 में खुले में कूड़ा, सैकड़ों परिवार परेशान, बारिश से बीमारियों का खतरा बढ़ा

सेक्टर‑15 के नया बांस इलाके में सड़क किनारे कचरा और गंदगी खुलेआम जमा होने से स्थानीय लोग परेशान हैं। लम्बे समय से कचरा एकत्रित होने से आसपास की हवा बदबूदार हो चुकी है और मलीन स्थिति के कारण रहने वाले घरों के भीतर तक दुर्गंध फैल रही है। स्थानीय निवासी शिकायत करते हैं कि कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठाया जा रहा है, जिसके चलते आवारा जानवर और मच्छर‑मक्खियाँ जमा हो गई हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। स्थानीयों का कहना है कि यह समस्या खासकर शाम के समय बढ़ जाती है जब कूड़े का ढेर और अधिक फैल जाता है। कई घरों के बाहर गंदगी के कीड़े‑मकोड़े दिखते हैं तथा आसपास की नालियों में पानी रुका रहता है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन संबंधी परेशानियाँ, एलर्जी और त्वचा संबंधी रोग की शिकायतें बढ़ी हैं। कुछ परिवारों ने बताया कि बारिश के पहले से ही सर्दी और खाँसी के मामले बढ़ गए हैं।

डॉक्टरों की चेतावनी

स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि खुले में सड़ते कचरे से मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और त्वचा जनित संक्रमणों का खतरा गंभीर रूप से बढ़ जाता है। डॉ. सुमन गुप्ता (स्थानीय चिकित्सा केंद्र) कहती हैं, “खुले कचरे में मच्छर और रोगजनक बैक्टीरिया पनपते हैं; बरसात आने पर ये और फैलते हैं। बच्चों व बुजुर्गों की रोग‑प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे सबसे अधिक प्रभावित होंगे।” डॉक्टरों ने निवासियों से कहा है कि गंदे पानी के निकासी और कचरा संयमित न होने पर तत्काल स्वच्छता सुधार की आवश्यकता है।

निवासियों की मांगें

स्थानीय वाशिंदों का कहना है कि उन्होंने नगर निकाय और स्थानीय पार्षद को कई बार शिकायतें दी हैं, पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निवासी राधे श्याम ने कहा, “हमने कई बार सफाई विभाग को फोन किया, पर कचरा धीरे‑धीरे हटाया जाता है या फिर कचरा वहीं वापस आ जाता है। बच्चे स्कूल से बीमार लौटते हैं।” कुछ लोगों ने कूड़े के कारण अपने पालतू जानवरों के बीमार होने की भी शिकायत की। वे मांग करते हैं कि इस कचरे को तुरंत उठाया जाए, नियमित कचरा निष्पादन तंत्र लागू किया जाए और पुख्ता ड्रेनेज व मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था की जाए।

सफाई विभाग की स्थिति

नोएडा महानगरपालिका के सफाई विभाग से संपर्क करने पर पता चला कि कुछ रूट और संसाधनाभाव के कारण कचरा नियमित रूप से नहीं उठ पाया। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, “हमारी टीमों को वहां भेजा जा रहा है, पर कभी‑कभी सड़कों तक ट्रक पहुंचने में मुश्किल होती है। हम क्षेत्रीय गाड़ियों और कर्मियों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास कर रहे हैं।” विभाग ने आश्वासन दिया कि अगले 48 घंटे में अस्थायी सफाई अभियान चलाकर कचरा हटाया जाएगा और स्थायी समाधान पर काम किया जाएगा।

बारिश से बढ़ेगी चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आने के साथ ही स्थिति और खराब हो सकती है क्योंकि बरसाती पानी कचरे के साथ मिलकर बीमारियों के प्रसार को तेज कर देता है। उन्होंने नगरपालिका से आग्रह किया है कि नालियों की सफाई, कचरा ढेरों की नियमित निकासी, और मच्छर निवारक उपायों जैसे फॉगिंग पर तुरंत ध्यान दिया जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का त्वरित समाधान नहीं हुआ तो वे संयुक्त रूप से प्रदर्शन करने और उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल इलाके के कई परिवारों ने बचाव के तौर पर अपने घरों और बच्चों की साफ‑सफाई पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है।

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