satyam pandit assault cjp: दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के छात्र प्रदर्शन के समापन के ठीक बाद एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें गाजियाबाद निवासी सत्यम पंडित (जो खुद को राष्ट्रीय हिंदू वीर सेना का अध्यक्ष बताते हैं) दो युवा छात्रों को रोककर उनसे धर्म पूछते, गाली-गलौज करते और एक छात्र को गला पकड़कर थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। छात्रों ने शांतिपूर्वक जवाब दिए, फिर भी हमला जारी रहा। मूल वीडियो में न्यूज चैनलों द्वारा सेंसर की गई अभद्र भाषा और अतिरिक्त मारपीट के दृश्य भी हैं।
घटना उस समय की है जब दिल्ली में युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे थे। प्रदर्शन खत्म होने के बाद बरेली के फरीदपुर तहसील महादेव मोहल्ले के 16 वर्षीय BSc छात्र आयुष रंजन और उनके दोस्त राहुल (कुछ रिपोर्टों में राहुल पाल) वापस लौट रहे थे। गाजियाबाद इलाके में अचानक एक कार रुकी। केसरिया स्कार्फ पहने सत्यम पंडित ने छात्रों को रोका और पूछा “तुम कहाँ से आए हो? अगर तुम हिंदू हो तो इस पार्टी (कॉकरोच जनता पार्टी) को सपोर्ट क्यों कर रहे हो? यहाँ राष्ट्र-विरोधी नारे लग रहे हैं, फिर भी शर्म नहीं आ रही?”
आयुष ने बताया कि वे बरेली से हैं, प्रदर्शन में शामिल हुए थे और रात को गुरुद्वारे में ठहरते थे। सत्यम पंडित ने पूरा नाम पूछा, धर्म की पुष्टि की और फिर गंदी-गंदी गालियां दीं (जो अधिकांश न्यूज रिपोर्टों में सेंसर हैं)। उन्होंने एक छात्र को कार के अंदर खींचकर उसके चेहरे पर थप्पड़ बरसाए, माफी मांगने को मजबूर किया और धमकी दी कि “आज के बाद दिखेगा… तुम राष्ट्र-विरोधी लगते हो।” पूरा घटनाक्रम उन्होंने खुद अपनी कार से रिकॉर्ड किया और फेसबुक पर अपलोड कर कैप्शन लिखा – “जंतर मंतर जाकर कुछ कॉकरोच का इलाज करवा लो, जो कहते हैं कि करके दिखाएँगे।” आयुष रंजन ने बाद में बताया कि वे CJP प्रदर्शन में अपने हक की बात सुनने गए थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस या सुरक्षा बलों से मदद नहीं ली जा सकती थी क्योंकि “वे हमारे खिलाफ थे।” उनके अनुसार हमलावर और उनके साथी (कुछ रिपोर्टों में 5 लोग) थे। बरेली लौटने के बाद सपा नेताओं ने छात्रों के घर पहुंचकर उनका स्वागत किया और समर्थन जताया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आक्रोश
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि BJP और उनके संघी दोस्तों का दुर्व्यवहार, अपशब्द और हिंसा सबको देखनी चाहिए। युवाओं से किए वादों के कुछ घंटे बाद ही ऐसी घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने सत्यम पंडित की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और कहा कि सत्ताधारी पार्टी के नेता शीर्ष नेतृत्व के आश्वासनों को खुलेआम नजरअंदाज कर रहे हैं। त्रिपुरम कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। CJP ने भी वीडियो शेयर कर पुलिस से तुरंत कार्रवाई की अपील की। सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा है और लोग गाजियाबाद तथा दिल्ली पुलिस से FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।
सत्यम पंडित कौन हैं?
गाजियाबाद के रहने वाले सत्यम पंडित अक्सर विवादों में रहते हैं। अगस्त 2024 में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2026 में मीट की दुकानें जबरन बंद कराने के दौरान विक्रेताओं के साथ मारपीट के आरोप में भी पुलिस कार्रवाई हुई थी। उन्होंने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी पर न लगाने की मांग भी की थी। उनकी तस्वीरें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ भी सामने आई हैं।
पुलिस की चुप्पी
वीडियो वायरल होने के कई घंटे बीत जाने के बावजूद गाजियाबाद पुलिस या दिल्ली पुलिस की ओर से कोई FIR या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्ष और नागरिक संगठन इसे कानून व्यवस्था की चुनौती बता रहे हैं। आरोप है कि सत्यम पंडित को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस का जरा भी डर नहीं है।
CJP का 36 दिन का प्रदर्शन NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी नए शिक्षा मंत्री बने हैं और प्रदर्शन को स्केल डाउन किया गया है। इस बीच छात्रों पर हुए इस हमले ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि युवाओं की आवाज को दबाने के लिए कानून अपने हाथ में लेने वालों पर कब कार्रवाई होगी। मूल वीडियो में अतिरिक्त गाली-गलौज और मारपीट के दृश्य हैं जिन्हें अधिकांश चैनलों ने सेंसर किया है। घटना की स्वतंत्र जांच और दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग जारी है।

