नीट पेपर लीक पर भड़की कॉकरोच जनता पार्टी: अभिजीत दीपके बोस्टन से दिल्ली पहुंचे, जंतर-मंतर पर होगा महाप्रदर्शन; पुलिसकर्मियों को दें फूल

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर रातों-रात लाखों समर्थकों को जोड़ने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक डिजिटल सोशल मूवमेंट है, जिसके संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को दिल्ली पहुंचे। उनका मकसद जंतर-मंतर पर एक बड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व करना है।

बोस्टन से सीधे संसद मार्ग थाने

अभिजीत दीपके शनिवार सुबह बोस्टन से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अपने कार्यक्रम का ऐलान करते हुए कहा कि वे दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे संसद मार्ग थाने जाएंगे और वहां से जंतर-मंतर। जंतर-मंतर पर शनिवार सुबह 10 बजे से कॉकरोच जनता पार्टी अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन करने जा रही है। परीक्षा संबंधी कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके करेंगे। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत कैसे हुई?

भारत के प्रधान न्यायाधीश के ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ वाले बयान पर विवाद होने के बाद दीपके ने ऑनलाइन CJP का अपना अभियान शुरू किया। देखते ही देखते सोशल मीडिया X पर लाखों की संख्या में इसके फॉलोअर्स हो गए। बाद में NEET पेपर लीक को लेकर सीजेपी सरकार पर हमलावर है और वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 1 जून 2026 को घोषणा की कि वे भारत लौटकर जंतर-मंतर, नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। आंदोलन का दावा है कि यह विरोध पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा तथा इसका उद्देश्य युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाना है।

पुलिसकर्मियों को फूल देने की अनूठी अपील

प्रदर्शन से पहले दीपके ने अपने समर्थकों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फूल दिए जाएं। उनके मुताबिक यह करुणा और सम्मान का प्रतीक है। इस अपील ने सोशल मीडिया पर खूब सराहना बटोरी और प्रदर्शन की शांतिपूर्ण छवि को और मजबूत किया।

सोनम वांगचुक भी आए साथ

पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन किया है। सोनम वांगचुक ने X और Instagram पर इस कदम की घोषणा की और कहा, ‘अगर 5 जून तक कुछ नहीं बदलता है, तो मैं 6 जून को दिल्ली में CJP सदस्यों के साथ शामिल होऊंगा।’ वांगचुक को केंद्र सरकार द्वारा उनकी हिरासत रद्द किए जाने के बाद 14 मार्च, 2026 को जोधपुर केंद्रीय जेल से रिहा किया गया था। रिहाई के बाद उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रुख अपनाते हुए इस आंदोलन का समर्थन शुरू किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रोनक खत्री समेत कई युवाओं ने भी इस आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।

दिल्ली पुलिस की स्थिति और विवाद

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि उनसे इस प्रदर्शन को लेकर अब तक कोई परमिशन नहीं मांगी गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार अब तक CJP की ओर से जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक आवेदन नहीं दिया गया। हालांकि, बाद में पुलिस से अनुमति मिलने की भी खबरें आईं। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही हैं। कुछ नेटिज़न्स ने संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि उनका अतीत आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ा रहा है।

क्या है CJP का असली मकसद?

कॉकरोच जनता पार्टी कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक डिजिटल सोशल मूवमेंट है। अभिजीत का कहना है कि यह पिटीशन व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ एक शांतिपूर्ण डिजिटल विरोध है, जिसमें जनता से समर्थन की अपील की गई है। जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन की राजनीतिक और सामाजिक हलकों में जोरदार चर्चा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया पर खड़ा हुआ यह आंदोलन जमीन पर कितना असर दिखाता है।

 

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