नोएडा। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे एनसीआर को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे के बाद नोएडा फायर सर्विस विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और जिले भर में अस्पतालों, होटलों, शोरूम व मॉल्स समेत तमाम संवेदनशील इमारतों का निरीक्षण अभियान तेज कर दिया गया है।
क्या है मामला?
दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को होटल फ्लोरिस स्टे नामक प्रतिष्ठान में भीषण आग लग गई जिसमें करीब 21 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। जांच में खुलासा हुआ कि जिस होटल में आग लगी, उसके पास फायर विभाग की एनओसी भी नहीं थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली है। सूत्रों के अनुसार होटल को केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे चलाए जा रहे थे।
नोएडा में बढ़ाई गई चौकसी
इस दुखद हादसे के बाद नोएडा के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि जिले की सभी संवेदनशील इमारतों में आग बुझाने के उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा रही है। फायर विभाग की टीमें अस्पतालों, होटलों, शोरूम और मॉल्स में जाकर अग्निशमन व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। नोएडा की बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए तीन हाइड्रोलिक गाड़ियों को पूरी तरह दुरुस्त रखा गया है और विभाग के पास एक विशेष रोबोट भी है जिसका उपयोग आपात स्थिति में किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार ने भी कसी कमर
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी अवैध बीएनबी होटलों को बिना नोटिस दिए तुरंत सील करने के आदेश दिए हैं। नगर निगम, अग्निशमन विभाग, बिजली और जल विभाग समेत तमाम संबंधित विभागों को जिला मजिस्ट्रेट की निगरानी में पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
चिंताजनक हैं आंकड़े
दिल्ली फायर सर्विस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में आग लगने से संबंधित कुल 18,670 कॉल प्राप्त हुईं और करीब 70 लोगों की जान चली गई। वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में 13 मौतें और अब मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की जान जाने के बाद कुल मृतकों की संख्या 90 से अधिक हो चुकी है।
फायर सेफ्टी नियमों में भी बदलाव
दिल्ली सरकार ने दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद अग्नि सुरक्षा से जुड़े कई नियमों में अहम बदलाव लागू होंगे। नई व्यवस्था के तहत अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया और नियम उल्लंघन पर जुर्माना प्रणाली में बड़े परिवर्तन किए गए हैं।
विशेषज्ञों की राय
राजधानी में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं फायर सेफ्टी मानकों के पालन और उनकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बार-बार की चेतावनियों और बड़े हादसों के बावजूद फायर सेफ्टी नियमों के पालन में चूक क्यों हो रही है, यह सवाल एक बार फिर सबके सामने है। नोएडा फायर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निरीक्षण अभियान सतत जारी रहेगा और जो भी इमारत नियमों का पालन नहीं कर रही होगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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