साड़ियों में छिपाकर हाई‑टेक गांजा तस्करी का खुलासा, सरगना सहित 2 गिरफ्तार, बरामद 37.696 किग्रा गांजा व 39 साड़ियाँ

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक हाई‑प्रोफाइल गांजा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए गैंग के सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर‑20 और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से कुल 37.696 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा तथा 39 साड़ियाँ बरामद हुईं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई रात के समय 2-3 जून की दरम्यान मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर की गई। सूचना मिलने पर टीम ने सेक्टर‑17 के आसपास जाल बिछाया और मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों—शुभम पाठक (26) व शिवम दूबे (24) को दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी दोनों के कब्जे से साड़ियों की पैकिंग के अंदर छिपाकर रखा गया कुल 37.696 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह पश्चिम बंगाल से कोरियर सर्विस के माध्यम से पार्सल मंगवाकर उन्हें दिल्ली‑NCR में सप्लाई करता था। पैकेजिंग ऐसी तैयार की जाती थी कि साड़ियों के भीतर गांजे को छिपा कर सामान्य जांच में संदेह न हो। आरोपी पार्सल अक्सर अधूरे या गलत पते पर बुक कराते और डिलीवरी से पहले फोन कर पार्सल ले जाते थे। पकड़ा गया गांजा, पुलिस के हिसाब से, उच्च गुणवत्ता वाला है और विशेष पत्तियों को सुखाकर बार‑बार प्रोसेस तथा एक रासायनिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता था, जिससे इसकी मादक क्षमता सामान्य गांजे की तुलना में कई गुणा अधिक हो जाती थी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान: शुभम पाठक, उम्र 26 वर्ष, स्नातक, निवासी खिरई का पूर्वा, थाना इनायत नगर, अयोध्या; तथा शिवम दूबे, उम्र 24 वर्ष, स्नातक, निवासी जवाहर दूबे का पूर्वा, थाना कुमारगंज, अयोध्या। दोनों का वर्तमान पता ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेस‑2, दिल्ली बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि शुभम पाठक पर पहले से अयोध्या में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, जालसाजी समेत कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं और वह एक शातिर अपराधी माना जाता है।

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने कहा, “सेक्टर‑20 पुलिस और SOG की संयुक्त कार्रवाई में साड़ियों में छिपाकर गांजा तस्करी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया गया। गिरफ्तार दो आरोपियों से 37.696 किग्रा उच्च गुणवत्ता वाला गांजा और 39 साड़ियाँ बरामद की गई हैं। आरोपी पश्चिम बंगाल से कोरियर द्वारा पार्सल मंगवाकर दिल्ली‑NCR में सप्लाई करते थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, जनता से भी अनुरोध है कि सूचना के लिए 112 पर सूचित करें।” पुलिस पोस्ट‑मार्टम में यह भी पता लगा रही है कि गांजे की आपूर्ति चैनल किन राज्यों तक फैला हुआ था और गिरोह ने कितने समय से यह तस्करी चलाई, प्रारम्भिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इनका नेटवर्क ओडिशा, आंध्र प्रदेश तथा पहाड़ी इलाकों की खास पत्तियों से तैयार होने वाले गांजे की मांग को ध्यान में रखकर काम करता था। बरामद गांजे की गुणवत्ता और पैकेजिंग से यह संकेत मिलता है कि गिरोह उच्च मूल्य पर सप्लाई करता था।

एसओजी तथा थाना सेक्टर‑20 की टीम अब कोरियर कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड, पार्सल बुकिंग और मोबाइल कॉल डिटेल्स को खंगाल रही है ताकि आपूर्ति सर्कल और बुकिंग के ठिकानों का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने के लिए रिमांड व पूछताछ जारी है। इस मामले ने स्थानीय बाजार में नशीली दवाइयों के उच्च-गुणवत्ता वाले शोषण और कोरियर नेटवर्क के दुरुपयोग के व्यापक पैमाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की टीमें ऐसे वैकल्पिक मार्गों और पार्सल‑आधारित तस्करी के अन्य सूदृढ संकेतों की तलाश में हैं। जनता से भी पुलिस ने अपील की है कि संदिग्ध पार्सल या लेन‑देन की जानकारी मिलने पर त्वरित रूप से 112 पर सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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