13 किलोमीटर लंबे जाम से पर्वतीय रास्ते ठप, सोनप्रयाग में बड़े हादसे की आशंका, प्रशासन की व्यवस्थाएं पड़ रही हैं कम
उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण गंभीर संकट में फंसती दिख रही है। केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर एक वायरल वीडियो ने पूरे देश का ध्यान खींचा है, जिसमें एक व्यक्ति केदारनाथ के रास्ते पर उमड़ी भारी भीड़ दिखाते हुए चेतावनी दे रहा है “अगर केदारनाथ आना है तो अपने जोखिम पर आएं।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया और यात्रा की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर गया।
13 किलोमीटर लंबा महाजाम — घंटों फंसे हजारों श्रद्धालु
उत्तराखंड में इन दिनों चल रही पवित्र चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी और स्कूलों में छुट्टियां शुरू होने के कारण रिकॉर्डतोड़ संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की ओर उमड़ पड़े हैं। इस भारी भीड़ की वजह से केदारनाथ और बदरीनाथ दोनों ही यात्रा रूटों पर गाड़ियों का चक्का जाम हो गया है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जोशीमठ से बदरीनाथ धाम की तरफ लगभग 6 किलोमीटर और जोशीमठ से ऋषिकेश की तरफ हेलंग तक लगभग 7 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं, यानी कुल मिलाकर इस पूरे मार्ग पर करीब 13 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है, जिसमें हजारों श्रद्धालु घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं।
सोनप्रयाग में बड़े हादसे की आशंका
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा में इस समय श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ रहा है। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ अब व्यवस्थाओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सोनप्रयाग से सामने आए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं को एक साथ केदारनाथ धाम की ओर रवाना होते देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारी संख्या में यात्री बिना चरणबद्ध व्यवस्था के आगे बढ़ रहे हैं। खासकर बुजुर्ग और महिला श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा, भीड़ और जाम के कारण भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। कई स्थानों पर यात्रियों को सड़क किनारे घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
भीड़ प्रबंधन नाकाफी, व्यापार संघ ने उठाई आवाज़
सोनप्रयाग व्यापार संघ अध्यक्ष अंकित गैरोला का मानना है कि यात्रा मार्ग पर भीड़ प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। प्रशासन को सोनप्रयाग, सीतापुर और गौरीकुंड के बीच यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से संचालित करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न न हो। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि केदारनाथ धाम में अब तक 4 लाख 40 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं और यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
गर्मी से राहत और छुट्टियां — भीड़ के दोहरे कारण
इस रिकॉर्डतोड़ भीड़ के पीछे दो मुख्य कारण हैं, पहला, देश के अधिकांश राज्यों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे लोग सपरिवार यात्रा पर निकल पड़े हैं। दूसरा और सबसे बड़ा कारण यह है कि मैदानी इलाकों में तापमान 40 से 48 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जिससे बचने के लिए लोग ठंडे पर्वतीय क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की इस अप्रत्याशित आमद के कारण पर्वतीय मार्गों की क्षमता कम पड़ गई है, जिससे प्रशासन को यातायात संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
भ्रामक वीडियो और अशोभनीय हरकतों पर भी कार्रवाई
केदारनाथ यात्रा के पहले दिन एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें गुजरात का एक श्रद्धालु अपने 70 वर्षीय पिता की मृत्यु के बाद दुख जताते हुए नजर आ रहा है। चारधाम यात्रा में अब तक दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जिनमें अकेले केदारनाथ धाम में एक लाख दस हजार से ज्यादा भक्त शामिल हैं। धाम में कुछ लोगों द्वारा कंधों पर चढ़कर रील बनाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे पुजारियों में गुस्सा है। इस मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) और प्रशासन से सवाल उठ रहे हैं कि प्रतिबंध के बावजूद ऐसी गतिविधियां खुलेआम कैसे हो रही हैं। 
भूस्खलन और बाढ़ का भी मंडरा रहा खतरा
बदरीनाथ हाईवे हिमालयी क्षेत्र के उस हिस्से से होकर गुजरता है जहां भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क अस्थिरता की घटनाएं आम हैं। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में चेतावनी दी गई है कि इस मार्ग के कई हिस्से उच्च या अत्यधिक उच्च भूस्खलन जोखिम वाले क्षेत्रों में आते हैं। खराब मौसम और रास्ते में आ रहे मलबे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था की डोर अडिग बनी हुई है। 
प्रशासन की अपील
प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाएं तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ के अलावा पुलिस, पीआरडी व होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं जो हर समय यात्रियों की सुरक्षा में मौजूद रहेंगे।
यात्रियों के लिए ज़रूरी सलाह:
यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें, भीड़ के मौसम में पहले से पंजीकरण करवाएं, बुजुर्ग व बीमार श्रद्धालु यात्रा के लिए प्रशासनिक परामर्श जरूर लें और यात्रा मार्ग पर अनुशासन बनाए रखें।

