ईरान-अमेरिका जंग जारी: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को अमेरिका के एक एयरबेस पर सफल जवाबी हमले का दावा किया है। यह कार्रवाई अमेरिकी बलों द्वारा ईरान के दक्षिणी होरमोज़गान प्रांत में स्थित सिरिक द्वीप पर एक टेलीकॉम्यूनिकेशन टावर पर हमले के कुछ घंटों बाद हुई।IRGC ने फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से जारी बयान में कहा, “अमेरिकी सेना द्वारा होरमोज़गान प्रांत के सिरिक द्वीप पर संचार टावर पर आक्रमण के एक घंटे बाद, IRGC एयरोस्पेस फोर्स के लड़ाकों ने उस एयरबेस को निशाना बनाया, जहां से यह आक्रमण हुआ था। सभी निर्धारित लक्ष्य नष्ट कर दिए गए।” IRGC ने चेतावनी दी कि अगर आक्रमण दोहराया गया तो जवाब “पूरी तरह अलग” होगा और इसके लिए जिम्मेदारी “आक्रामक और बच्चों का हत्यारा अमेरिकी शासन” पर होगी।
यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है। फरवरी 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” की घोषणा की थी, जिसमें अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरानी सैन्य, सरकारी और बुनियादी ढांचे के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। बाद में दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा हुई, लेकिन पाकिस्तान में अप्रैल में हुए अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल रही। ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन होर्मुज की खाड़ी पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रखी गई है।
अमेरिकी हमले का संदर्भ
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सप्ताहांत में “सेल्फ-डिफेंस” हमलों की पुष्टि की थी। इनमें ईरान के गोरुक और किश द्वीप पर रडार तथा ड्रोन कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने कहा कि यह हमले ईरानी आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए, जिसमें एक अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराना शामिल था। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ। सिरिक द्वीप होर्मुज की खाड़ी के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाके में स्थित है, जहां से विश्व के तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में हालिया घटनाएं तेल की कीमतों और क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर रही हैं।
क्षेत्रीय प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
कुवैत: कुछ रिपोर्ट्स में ईरानी हमलों से संबंधित गतिविधियों का जिक्र है, जहां अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
लेबनान: इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष भी जारी है, जहां लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजराइली कार्रवाइयों में 3,412 लोगों की मौत हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता: क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष पूर्ण युद्ध से बचना चाहते हैं, लेकिन छोटे-छोटे हमले-जवाबी हमले सीजफायर को कमजोर कर रहे हैं।
ईरानी मीडिया ने इस जवाबी कार्रवाई को “मजबूत चेतावनी” बताया है, जबकि अमेरिकी पक्ष अभी तक IRGC के दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाया है। यह घटनाक्रम 2026 के ईरान संकट का हिस्सा है, जिसमें अब तक दोनों पक्षों के बीच कई दौर के हमले और जवाबी हमले हो चुके हैं। स्थिति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है और आगे की घटनाएं पूरे मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है। विश्वसनीय स्रोतों पर नजर रखें।

