पेरिस में चैंपियंस लीग की जीत के बाद हिंसा का तांडव, म्यांमार में विस्फोट से तबाही

फ्रांस की राजधानी पेरिस एक ओर जहाँ अपने फुटबॉल क्लब पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रही थी, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर हिंसा और अराजकता का घिनौना मंज़र सामने आया। PSG के लगातार दूसरी बार UEFA चैंपियंस लीग जीतने के बाद पेरिस और अन्य फ्रांसीसी शहरों में भड़की हिंसा में 200 से अधिक लोग घायल हो गए और एक व्यक्ति की जान चली गई।

मैच का नतीजा — बुडापेस्ट में रोमांच की पराकाष्ठा

30 मई 2026 को बुडापेस्ट के पुश्काश अरेना में खेले गए चैंपियंस लीग फाइनल में PSG ने आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला 120 मिनट के बाद 1-1 की बराबरी पर था। आर्सेनल के काई हैवर्ट्ज़ ने मैच के महज़ छठे मिनट में गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, लेकिन PSG के उस्माने देम्बेले ने 65वें मिनट में पेनल्टी से बराबरी कर ली, जिसके बाद मुकाबला अतिरिक्त समय में भी अनिर्णीत रहा। आर्सेनल के डिफेंडर गेब्रियल माघालाएस का निर्णायक पेनल्टी किक क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया, और इसी के साथ PSG ने ट्रॉफी अपने नाम की। PSG यह कारनामा करने वाली 1992 के बाद दूसरी टीम बनी जिसने लगातार दो बार चैंपियंस लीग जीती। इससे पहले रियल मेड्रिड ने 2016-2018 के बीच तीन बार यह खिताब जीता था।

जीत का जश्न बना आगज़नी और हिंसा का मंच

जीत का जश्न मनाने के लिए उमड़ी भीड़ ने कुछ ही घंटों में हिंसक रूप ले लिया। दंगाइयों ने पेरिस के कई हिस्सों में दुकानों को तोड़ा, कारों को आग लगाई और किराये की साइकिलों के स्टैंड तक जला डाले। पूरे फ्रांस में 780 गिरफ्तारियाँ हुईं, जिनमें से 57 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। एक व्यक्ति की मौत रिंग रोड पर मोटरसाइकिल दुर्घटना में हुई। फ्रांसीसी सरकार ने सुरक्षा के लिए देशभर में 22,000 पुलिसकर्मी और सैन्यबल तैनात किए थे, जिनमें अकेले पेरिस में 8,000 से अधिक थे। बावजूद इसके हिंसा को पूरी तरह नहीं रोका जा सका।

रविवार को विजय परेड — एफिल टॉवर के साये में जश्न 

रविवार को PSG के खिलाड़ियों ने एफिल टॉवर के नज़दीक चैंप डी मार्स मैदान में विजय परेड की, जहाँ हज़ारों समर्थक अपने नायकों को सलाम करने उमड़े। यह दृश्य जीत की भव्यता और सड़कों पर मची तबाही के बीच तीखा विरोधाभास पेश कर रहा था। इस घटना ने फ्रांस में सार्वजनिक हिंसा पर बहस को एक बार फिर हवा दे दी है।

 46 लाशें, 74 घायल, 6 बच्चे भी शिकार

म्यांमार के उत्तर-पूर्वी इलाके में रविवार को एक भीषण विस्फोट ने पूरे गाँव को हिला कर रख दिया। म्यांमार के नाम्खम टाउनशिप के कौंगतुप गाँव में दोपहर के वक्त एक इमारत में हुए विस्फोट में 45 से अधिक लोगों की जान चली गई। यह इमारत खनन कार्यों के लिए उपयोग होने वाले विस्फोटकों का भंडार थी। विस्फोट में करीब 70 अन्य लोग घायल हुए।  बचाव दल के एक कर्मचारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि रविवार शाम तक 46 शव बरामद किए जा चुके थे, जिनमें छह बच्चे भी शामिल थे। सभी शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया, और 74 घायलों को टाउनशिप अस्पताल पहुँचाया गया। यह इलाका चीनी सीमा से महज़ 3 किलोमीटर दूर है और ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) के नियंत्रण में है, जो म्यांमार की केंद्र सरकार से संघर्षरत एक जातीय सशस्त्र समूह है। शान राज्य के मीडिया संस्थानों ने मृतकों की संख्या 50 से 55 के बीच बताई। चीन के सरकारी प्रसारक CCTV ने भी इस घटना में कई हताहतों और आसपास के घरों को भारी नुकसान पहुँचने की पुष्टि की, और प्रारंभिक जाँच के हवाले से बताया कि विस्फोट खनन के लिए रखे गए बड़ी मात्रा में विस्फोटकों के भंडार में हुआ। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है तथा स्थानीय अधिकारी प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सहायता और आश्रय मुहैया करा रहे हैं। विस्फोट के सटीक कारणों की जाँच अभी भी जारी है।

यह भी पढ़ें: RCB का जलवा जारी: विराट कोहली की तूफानी पारी से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीता IPL 2026 का खिताब

यहां से शेयर करें