शहर के एक महिला निवासी ने आरोप लगाया है कि फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद एक युवक ने उसे प्रेमजाल में फँसा कर शादी का झांसा दिया और कई महीनों तक यौन शोषण किया। जब महिला ने विवाह के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने कथित रूप से उसे तेजाब पिला कर जान से मारने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज चल रहा था; हालत में सुधार के बाद उसने शुक्रवार को खुद मोदीनगर कोतवाली पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। पीड़िता के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुई बातचीत के बाद दोनों की मुलाकातें हुईं और युवक ने विश्वास जीतने के बाद बार-बार शादी का वादा किया। महिला का कहना है कि आरोपी ने शारीरिक और मानसिक तौर पर उसे प्रताड़ित किया तथा लंबे समय तक यौन शोषण किया। जब उसने विवाह के लिए दबाव बढ़ाया तो आरोपी ने झूठा वादा तोड़ते हुए उसे तेजाब पिला दिया, जिससे उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई।
इलाज व अस्पताल की स्थिति
घटना के बाद पीड़िता को तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसे आपातकालीन उपचार और फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार तेजाब के कारण उसके शारीरिक आघात गंभीर थे और प्रारम्भिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर मगर नाज़ुक बनी हुई थी। चिकित्सकों ने कहा कि आगे की ऑपरेशन/रिकंस्ट्रक्शन और दाइमिक देखभाल की आवश्यकता हो सकती है; विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है।
पुलिस कर रही कड़ी पड़ताल
मोदीनगर कोतवाली ने पीड़िता की लिखित शिकायत मिलने के बाद तत्काल मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने बतायाः पीड़िता के बयानों और मेडिकल रिपोर्टों के आधार पर फोरेंसिक साक्ष्यों की मांग कर दी गयी है।कई टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गयी है। सोशल मीडिया पर हुई बातचीत और संदेशों की ट्रांसक्रिप्ट, कॉल लॉग्स, व संपर्क सूची जैसे डिजिटल सबूतों की बरामदगी की कोशिश की जा रही है।
थाना प्रभारियों का कहना
मोदीनगर कोतवाली के निरीक्षक (नाम withheld) ने बताया कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ अभियोजन के दौरान कड़ी धाराएं लागू की जाएँगी। पुलिस ने पीड़िता की सुरक्षा और उसका मेडिकल-आधारित संरक्षण सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।
समुदाय की प्रतिक्रिया और सुरक्षा की मांग
घटना की खबर फैलते ही स्थानीय समाज और महिलाओं के अधिकार कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। कई एनजीओ और महिला सशक्तिकरण समूहों ने पीड़िता से संपर्क कर उसे कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। स्थानीय नागरिकों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन सुरक्षा और लोगों को सतर्क करने की अपील की है, विशेषकर ऐसी शादियों और रिश्तों के मामलों में जहाँ भरोसा केवल डिजिटल माध्यम पर निर्भर हो।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा है कि फॉरेंसिक लैब रिपोर्टों और कॉल/मैसेज लॉग्स के आधार पर आरोपों की पुष्टि के बाद ही मामला अदालत में भेजा जाएगा। साथ ही, पीड़िता की सुरक्षा और उसके चिकित्सा उपचार के दौरान प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए पुलिसिंग वेलफेयर उपाय लागू किए जा रहे हैं।

