TMC के ‘गोल्डन बॉय’ ने कैसे खींचा कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अफसर को ED के शिकंजे में

भूमि अधिग्रहण, जबरन वसूली और हवाला का काला साम्राज्य उजागर, DC गिरफ्तार, अब मुख्य आरोपी भी ED की हिरासत में

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जिस तरह अपराधिक सिंडिकेट पर शिकंजा कसा है, उसमें सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया है तृणमूल कांग्रेस के कथित ‘गोल्डन बॉय’ बिस्वजित पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ का। इस एक व्यक्ति के तार इतने फैले हुए निकले कि कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ डिप्टी कमिश्नर तक को ED की गिरफ्त में आना पड़ा।

कौन है ‘सोना पप्पू’?

बिस्वजित पोद्दार उर्फ सोना पप्पू, कोलकाता के आपराधिक और राजनीतिक गलियारों में विधानसभा चुनाव से पहले ही एक विवादास्पद शख्सियत बन चुका था। ED की जांच में उसके खिलाफ भूमि हड़पने, जबरन वसूली, अवैध निर्माण, हवाला लेनदेन और प्रभावशाली अधिकारियों से संबंधों का विस्तृत नेटवर्क सामने आया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, पप्पू दक्षिण कोलकाता के कसबा, बालीगंज और आसपास के इलाकों में सक्रिय सिंडिकेट को नियंत्रित करता था।

फरवरी में भड़की हिंसा से खुला मामला

रबींद्र सरोवर थाना क्षेत्र में फरवरी में हुई एक झड़प में सोना पप्पू का नाम उछला। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वह और उसके सहयोगी इस हिंसा और तोड़फोड़ के पीछे थे। पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन पप्पू फरार हो गया। महीनों तक वह पुलिस और ED दोनों की पहुंच से बाहर रहा।

पहले व्यवसायी Joy Kamdar गिरफ्तार

ED ने जांच में सबसे पहले बेहाला के व्यवसायी जॉय कामदार को गिरफ्तार किया। कामदार पर आरोप है कि वह सोना पप्पू और पुलिस नेटवर्क के सदस्यों के साथ मिलकर हड़पी गई संपत्तियों को लाभदायक रियल एस्टेट कारोबार में बदलता था।

फिर आया IPS अफसर शांतनु सिन्हा विश्वास का नंबर

ED ने सोना पप्पू से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DC) शांतनु सिन्हा विश्वास को कई बार तलब किया, लेकिन वे बार-बार समन की अनदेखी करते रहे। ED ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया। बीते महीने ED ने फर्न रोड स्थित उनके आवास पर छापा मारा। तलाशी सुबह शुरू हुई और रात के करीब दो बजे तक चलती रही। अगले दिन ED ने शांतनु विश्वास और उनके दोनों बेटों सयंतन और मनीष को भी CGO कॉम्प्लेक्स में तलब किया, लेकिन उनमें से भी कोई नहीं आया।  14 मई को शांतनु सिन्हा विश्वास ED के दफ्तर में पेश हुए। साढ़े दस घंटे से अधिक पूछताछ के बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जांचकर्ताओं को सोना पप्पू और उसके करीबी सहयोगियों से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन के सुराग मिले थे।

सेवानिवृत्ति के बाद भी TMC सरकार ने दिया था विस्तार

शांतनु विश्वास 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो चुके थे, लेकिन पिछली तृणमूल सरकार ने उन्हें दो साल का सेवा विस्तार दिया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद और नई भाजपा सरकार के सेवा विस्तारों को समाप्त करने के कदम के साथ, उनकी सेवाएं औपचारिक रूप से समाप्त कर दी गईं।

12 और पुलिसकर्मी जांच के दायरे में

इस मामले ने अब और गहरा रूप ले लिया है कम से कम 12 अन्य पुलिसकर्मी भी ED की निगाह में आ गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति लेनदेन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और कई विवादित भूमि सौदों से जुड़े पुलिस केस फाइलों की जांच जारी है।

तीन महीने फरारी के बाद ‘सोना पप्पू’ ED के सामने पेश

DC शांतनु की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद, 18 मई को सोना पप्पू खुद ED दफ्तर पहुंचा। दफ्तर में घुसते वक्त वह बोला “मैंने कोई गलत काम नहीं किया। मैं ज्वेलरी का व्यवसाय करता हूं। मैंने कभी किसी से जबरन वसूली नहीं की।” लगभग नौ घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। ED ने उसे ‘जांच में लगातार असहयोग’ का दोषी बताया।

मुख्यमंत्री ने खुलेआम नाम लिया था

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की यात्रा के दौरान सोना पप्पू का नाम खुलेआम लिया। उन्होंने कहा, “मैंने नगरपालिका मामलों के सचिव और KMC आयुक्त को 4 नाम बताए हैं: बेलेघाटा के राजू नस्कर के 18 संपत्तियां, कसबा के सोना पप्पू की 24 संपत्तियां, अभिषेक बनर्जी के भतीजे की 24 संपत्तियां और जावेद खान के बेटे की 90 संपत्तियां। ये लोगों ने लूटा है… आने वाले दिनों में भाजपा सरकार इन भ्रष्ट लोगों को कानूनी तरीके से जेल भेजेगी।”

राजनीतिक संग्राम और गहरा होगा

यह मामला महज एक आपराधिक सिंडिकेट का नहीं है यह राजनीति, पुलिस और अपराध के गठजोड़ की वह कहानी है जो बंगाल में वर्षों से चर्चा में रही। सोना पप्पू की गिरफ्तारी को भाजपा सरकार की तृणमूल के कथित भ्रष्टाचार और अपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। ED अब इस सिंडिकेट से उत्पन्न अपराध की आय और मनी लॉन्ड्रिंग के रास्तों का पता लगाने में जुटी है। आने वाले हफ्तों में और खुलासे संभव हैं।

यह भी पढ़ें: अहमदाबाद एयरपोर्ट: 2.58 करोड़ का सोना चोरी, बॉलीवुड स्टाइल हीस्ट में एयरलाइन और एयरपोर्ट स्टाफ की मिलीभगत, 8 गिरफ्तार

यहां से शेयर करें