20 मई को 1.23 किलो गांजे के साथ 25 वर्षीय विकास गिरफ्तार; तीन थानों में दर्ज है आपराधिक इतिहास; पुलिस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी
नशे के सौदागर: नशे के खिलाफ नोएडा पुलिस के विशेष अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना फेस-1 नोएडा पुलिस टीम 20 मई 2026 को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए सेक्टर-8 क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी, जब एफ-24 सेक्टर-8 के पास से एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई और उसके पास से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी की पहचान जेजे कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय विकास कुमार पुत्र स्वर्गीय नीरज के रूप में हुई जो पुलिस रिकॉर्ड में पहले से दर्ज एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है।
क्या मिला आरोपी के पास
आरोपी के कब्जे से 1 किलो 230 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। यह गांजा बाज़ार में हज़ारों रुपये में बिकता है और अनुमान है कि यह खेप आगे युवाओं तक पहुंचाई जाने वाली थी। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुराना आपराधिक इतिहास, फिर भी नहीं आई तौबा
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं जिनमें सेक्टर-39, सेक्टर-24 और फेस-1 थाने शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट है कि विकास कुमार लंबे समय से नशे की तस्करी के संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और जेल से बाहर आने के बाद भी उसने अपना अवैध धंधा जारी रखा।
जेजे कॉलोनी बनी नशे की गढ़
यह पहली बार नहीं है जब सेक्टर-8 की जेजे कॉलोनी से कोई गांजा तस्कर गिरफ्तार हुआ हो। मार्च 2026 में भी थाना फेस-1 की टीम ने सेक्टर-8 स्थित एफ-24 के पास से ही नूरी नामक एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया था, जो लंबे समय से गांजा तस्करी के अवैध धंधे में सक्रिय बताई जा रही थी और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज थे। इसके अलावा अप्रैल 2026 में भी थाना फेस-1 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से जेजे कॉलोनी में रहने वाले एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया था। ये लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि इस पूरे इलाके में नशे का जाल कहीं गहरा फैला हुआ है।
बड़े नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में नशे के कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी के नेटवर्क और उसके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके। गौरतलब है कि एनसीआर में सक्रिय गांजा तस्कर ओडिशा से माल मंगाते हैं, एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में किराये के कमरों में उसे स्टोर करते हैं और फिर दिन के समय टैक्सियों व बाइकों के ज़रिये विभिन्न इलाकों में सप्लाई करते हैं यहां तक कि विश्वविद्यालय परिसरों तक भी। विकास कुमार की गिरफ्तारी इसी बड़े नेटवर्क की एक कड़ी मानी जा रही है।
क्या कहती है ताज़ा तस्वीर
नोएडा में नशीले पदार्थों की सप्लाई के संगठित रैकेट का खुलासा बताता है कि इस नेटवर्क के जरिए आरोपी लगातार मोटा मुनाफा कमाते हैं और पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आगे की कार्रवाई में जुटी है। विकास कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।पुलिस आयुक्तालय के सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी नामों का खुलासा हो सकता है।
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