मुख्य षड्यंत्रकारी AIIMS में भर्ती होकर छिपा था, पुलिस ने अस्पताल के बेड से किया गिरफ्तार; विदेश भागने की थी योजना| देश की राजधानी दिल्ली में IAS की तैयारी करवाने वाली जानी-मानी शिक्षिका और शुभ्रा रंजन IAS अकादमी की निदेशक शुभ्रा रंजन के साथ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। उनके अपने पूर्व छात्र और भोपाल में उनकी फ्रेंचाइजी चला चुके प्रियंक शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर शुभ्रा रंजन को बंधक बनाया और बंदूक की नोक पर उनसे 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। इस सनसनीखेज कांड में भोपाल क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, जबकि 2-3 अन्य अभी भी फरार हैं।
कैसे रचा गया जाल — सेमिनार के बहाने बुलाया, फ्लैट में किया कैद
पुलिस आयुक्त संजय कुमार के अनुसार, प्रियंक शर्मा ने शुभ्रा रंजन को दिल्ली से भोपाल में एक नई शाखा खोलने और बड़े सेमिनार के आयोजन का लालच देकर बुलाया था। शुभ्रा रंजन यह सोचकर भोपाल आईं कि यह एक सामान्य व्यापारिक बैठक है, लेकिन वे एक सोची-समझी साजिश के जाल में फंसती चली गईं। शुभ्रा रंजन होटल ताज में ठहरी हुई थीं। 30 अप्रैल को दोपहर करीब 2-3 बजे प्रियंक उन्हें होटल से पिकअप करके बागसेवानिया इलाके में ले गया, जहाँ उसने एक दिन पहले ही एक फ्लैट किराए पर लिया था। उसी फ्लैट में शुभ्रा को बंधक बना लिया गया और उनके खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए। आरोपियों ने फ्लैट में सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया था, ताकि पीड़िता की मदद की पुकार बाहर न सुनाई दे। यह योजना की गहराई और दुस्साहस का प्रमाण है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पीड़िता को चुप कराने के लिए एक नकली अपहरण का वीडियो भी बनाया। शुभ्रा रंजन और उनके सहयोगियों को मजबूर किया गया कि वे एक संदिग्ध दीपक भगत को बाँधकर एक बक्से में बंद करें और यह सब वीडियो में रिकॉर्ड करें। यह वीडियो संभवतः पीड़िता को ब्लैकमेल करने के इरादे से बनाया गया था।
पुराना छात्र, टूटा सपना और बदले की साजिश
जांच में सामने आया कि प्रियंक शर्मा ने एक समय शुभ्रा रंजन की कोचिंग संस्था में UPSC की तैयारी की थी, लेकिन वह परीक्षा पास करने में सफल नहीं हुआ। बाद में उसने उन्हीं की अकादमी की भोपाल में एक फ्रेंचाइजी शुरू की, जो पिछले एक साल से घाटे में चल रही थी। पुलिस का मानना है कि यही वित्तीय तनाव और असफलता इस अपराध की प्रमुख प्रेरणा बनी। एडिशनल डीसीपी (क्राइम) शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रियंक शर्मा और शुभ्रा रंजन के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। ऐसे में नए बिज़नेस का प्रलोभन महज एक बहाना था।
AIIMS में फर्जी बीमारी का नाटक, पुलिस ने अस्पताल के बेड से किया गिरफ़्तार
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रियंक शर्मा ने एक और नाटक रचा| गिरफ्तारी के डर से प्रियंक AIIMS भोपाल में गंभीर बीमारी का नाटक करते हुए ICU में भर्ती हो गया। लेकिन यह चाल काम नहीं आई। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली, टीम AIIMS पहुंची, डॉक्टरों ने उसकी स्थिति सामान्य पाई और पुलिस ने उसे कानूनी हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसकी माँ और पत्नी ने जमकर हंगामा किया। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरी रकम सुरक्षित कर ली गई है और अपराध में इस्तेमाल हथियार भी जब्त कर लिया गया है।
विदेश भागने की थी साजिश
पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रियंक शर्मा अपनी पत्नी के साथ देश छोड़कर भागने की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार वह विदेश भागने के लिए एजेंटों के संपर्क में भी था। यही कारण था कि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रकम फ्रीज़ की और आरोपियों की धर-पकड़ की।
गिरफ्तार आरोपी और जारी तलाश
गिरफ्तार आरोपियों में प्रियंक शर्मा के अलावा रोहित मालवीय, दीपक भगत, विकास उर्फ विकी दहिया, कुणाल यादव और पंकज अहिरवार शामिल हैं। दो संदिग्ध रामजी और रामेश्वर अभी भी फरार हैं। इसके अलावा प्रियंक की पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अन्य आरोपी दतिया और रीवा के रहने वाले हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, रकम हुई फ्रीज़
शुभ्रा रंजन के बयान के बाद क्राइम ब्रांच ने कुछ ही घंटों में उन बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया जिनमें 1.89 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इसके साथ ही अपराध में प्रयुक्त अवैध पिस्तौल, वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
कोचिंग जगत में सदमा, सोशल मीडिया पर आक्रोश
यह घटना UPSC कोचिंग की दुनिया में भूचाल की तरह आई है। शुभ्रा रंजन राजनीति विज्ञान की एक जानी- मानी शिक्षिका हैं, जिनके कई छात्र सफल सिविल सेवक बन चुके हैं। इस कथित अपराध ने उस दुनिया को हिला दिया है जो आकांक्षा, भरोसे और गुरु-शिष्य के रिश्ते पर टिकी है। सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स इस घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई पूर्व छात्रों ने शुभ्रा रंजन के साथ एकजुटता जताई है, तो कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि कोचिंग संस्थाओं में फ्रेंचाइजी देने की प्रक्रिया में सख्त बैकग्राउंड जांच क्यों नहीं होती। कई UPSC अभ्यर्थियों ने ट्विटर/X पर लिखा “जो गुरु देती थीं IAS का रास्ता, उन्हीं के घर से निकला गद्दार।”
पुलिस का बयान
भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने पत्रकारों से कहा “यह एक सुनियोजित और जघन्य अपराध था। आरोपियों ने पीड़िता के भरोसे का फायदा उठाया। पूरी रकम सुरक्षित कर ली गई है, हथियार जब्त किए गए हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।”
आगे की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस षड्यंत्र में और कौन-कौन शामिल थे। प्रियंक शर्मा की पत्नी की भूमिका की जांच हो रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ट्रांसफर की गई रकम किन-किन खातों से होते हुए कहाँ पहुँची और क्या इसमें किसी और का हाथ है।
|विवरण |जानकारी
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|पीड़िता |शुभ्रा रंजन, निदेशक, शुभ्रा रंजन IAS अकादमी, दिल्ली |
|घटना की तारीख |30 अप्रैल 2025
|घटना स्थल |बागसेवानिया, भोपाल
|वसूली गई रकम|₹1,89,00,000 (1 करोड़ 89 लाख)
|मुख्य आरोपी |प्रियंक शर्मा (पूर्व छात्र व फ्रेंचाइजी संचालक)
|गिरफ्तार |6 (रोहित मालवीय, दीपक भगत, विकास दहिया, कुणाल यादव, पंकज अहिरवार सहित)|
|फरार |2-3 (रामजी, रामेश्वर सहित)
|रकम की स्थिति |पुलिस ने खाते फ्रीज़ कर पूरी रकम सुरक्षित की |
यह मामला न केवल एक आपराधिक साजिश है, बल्कि यह इस बात की भी चेतावनी है कि शिक्षा जगत में भी भरोसे का किस हद तक दुरुपयोग हो सकता है। जांच अभी जारी है।

