Noida News: केंद्र सरकार ने 1 मई से 19 किलो के वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर के दाम में ₹993 की भारी वृद्धि कर दी। साथ ही 5 किलो के मिनी सिलिंडर की कीमत ₹261 बढ़ाई गई। नोएडा में अब 19 किलो वाणिज्यिक सिलिंडर की कीमत ₹3,071.50 हो गई है, जो पिछले महीने ₹2,078.50 थी। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पहले से ही दबाव में है, जिससे एलपीजी से जुड़ी आयात लागत बढ़ रही है। यह लगातार दूसरे महीने वाणिज्यिक गैस के दाम बढ़े हैं।
मुगलई डिश से डोसे तक — मेन्यू हुआ महंगा
नोएडा के सेक्टर-18 स्थित रेस्तरां संचालक ने बताया कि मुगलई डिश तैयार करने में धीमी आंच पर ज्यादा गैस लगती है, इसलिए इन व्यंजनों के दाम में 20 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। रोटी के दाम पहले ही बढ़ा दिए गए थे।
ढाबा संचालकों का कहना है कि दाल मखनी के दाम 15 रुपये बढ़ाए गए हैं क्योंकि इसके ऑर्डर सबसे ज्यादा होते हैं और इसे तैयार करने में सबसे अधिक समय और गैस लगती है। तवा रोटी अब 20 रुपये की हो गई है। सेक्टर-51 के रेस्तरां संचालक राजीव त्यागी ने बताया कि डोसे की कीमत बढ़ाकर 150 रुपये कर दी गई है। होटल, रेस्तरां, चाय की दुकानें, बेकरी, ढाबे, फूड जॉइंट और स्वीट शॉप — ये सभी अपनी रोजमर्रा की खाना पकाने की जरूरतों के लिए लगभग पूरी तरह 19 किलो के वाणिज्यिक एलपीजी सिलिंडर पर निर्भर हैं। छोटे प्रतिष्ठानों के लिए ईंधन, श्रम और किराए के बाद सबसे बड़ा मासिक खर्च है।
PG संचालक मजबूर — थाली से रोटी गायब
सेक्टर-61 स्थित पीजी संचालक रोहित अवाना का हाल सबसे बुरा है। उनका कहना है कि सिलिंडर मिलने में पहले से ही परेशानी थी, अब दाम और बढ़ने से उन्हें थाली से रोटी पूरी तरह हटानी पड़ी है। अब सिर्फ सब्जी और चावल परोसे जा रहे हैं। नाश्ते में भी ऐसे व्यंजन बनाए जा रहे हैं जिनमें गैस का उपयोग कम हो।
शादी सीजन और फूड डिलीवरी पर भी पड़ेगा असर
एक सामान्य मध्यम आकार के कैटरिंग कार्यक्रम में एक ही दिन में कई वाणिज्यिक सिलिंडर खर्च होते हैं। नई कीमतों के साथ कैटरर्स प्रति प्लेट चार्ज, बफे रेट और लाइव काउंटर का दाम बढ़ाने पर मजबूर हैं। यह बोझ खासतौर पर चल रहे शादी सीजन में सीधे दिखेगा। ऐप-बेस्ड फूड डिलीवरी का इकोसिस्टम भी इससे अछूता नहीं रहेगा। हजारों क्लाउड किचन, जो ऑनलाइन फूड ब्रांड्स के पीछे काम करते हैं, वाणिज्यिक एलपीजी पर निर्भर हैं। इसका नतीजा होगा — बढ़े हुए मेन्यू प्राइस, ज्यादा डिलीवरी चार्ज या छोटे पोर्शन।
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