बरगी डैम क्रूज हादसा: मां-बेटे के शव एक लाइफ जैकेट में बंधे मिले, मृतकों की संख्या बढ़कर 9; बचाव कार्य जारी, लापरवाही की जांच शुरू

बरगी डैम क्रूज हादसा: मध्य प्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम के जलाशय में गुरुवार शाम को पर्यटकों से भरी क्रूज बोट के पलटने की दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अभी भी लापता हैं। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब डाइवर्स ने एक युवती (लगभग 30 वर्षीय) और उसके 5 वर्षीय बेटे के शव एक ही लाइफ जैकेट में बंधे हुए बरामद किए। आशंका है कि अंतिम सांसों तक मां ने अपने मासूम को बचाने के लिए दोनों को एक साथ जैकेट पहनाई थी।

घटना गुरुवार शाम करीब 6:30-7 बजे खमरिया टापू (खमरिया आइलैंड) के पास हुई। राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित क्रूज बोट में 29 से 31 यात्री (कुछ रिपोर्टों में 2 क्रू सदस्य सहित कुल 31-43 तक) सवार थे। अचानक चली तेज आंधी (60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) और ऊंची लहरों के कारण बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह कुछ ही मिनटों में पलटकर डूब गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हवा इतनी तेज थी कि यात्री चीखनेचिल्लाने लगे और कई लोग पानी में कूद गए।

बचाव कार्य और मृतकों की संख्या

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, स्थानीय पुलिस, जल पुलिस और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से अब तक 22 से 28 लोगों को सुरक्षत बाहर निकाला गया है। कई घायलों को जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह तक पांच अतिरिक्त शव बरामद होने से मृतकों की संख्या 9 हो गई। लापता लोगों की तलाश में ड्रोन, सोनार उपकरण और डाइविंग टीमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खराब विजिबिलिटी और चट्टानी इलाके के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मृतकों में परिवार के सदस्य शामिल हैं। पुष्ट मृतकों में रमेश पटेल (45), सीता पटेल (30) तथा उनका पुत्र आरव (5), विजय शर्मा (38), मीना शर्मा (35) आदि शामिल बताए जा रहे हैं। शवों की पहचान का कार्य जारी है।

आम जनता और परिजनों की प्रतिक्रियाएं

हादसे की खबर फैलते ही बरगी क्षेत्र और जबलपुर शहर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन अस्पताल और डैम किनारे इकट्ठा होकर रो-रोकर बेटों- बेटियों का नाम पुकार रहे हैं। एक बचाव कार्य में शामिल स्थानीय व्यक्ति ने बताया,“हमने कई लोगों को तैरते हुए देखा, लेकिन अंधेरा और तेज हवा के कारण बहुत मुश्किल हुई। मां बेटे वाली घटना देखकर सबका दिल टूट गया। ” सोशल मीडिया पर #BargiDamAccident ट्रेंड कर रहा है। कई यूजर्स ने लापरवाही पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही तेज आंधी का अलर्ट जारी किया था, फिर भी क्रूज को पानी में उतार दिया गया। यह लापरवाही है।” दूसरे ने कहा, “लाइफ जैकेट पर्याप्त नहीं थे या सही तरीके से वितरित नहीं किए गए। परिवार सहित घूमने आए लोग अपनी जान गंवा बैठे। ”जबलपुर के स्थानीय निवासी और पर्यटन प्रेमी अब बरगी डैम में क्रूज संचालन की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि मानसून से पहले ऐसे जल पर्यटन को सख्त नियमों के तहत अनुमति दी जानी चाहिए।

जांच और सरकारी कार्रवाई

जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बोट ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में क्षमता से अधिक सवारियां, लाइफ जैकेट वितरण में देरी और मौसम अलर्ट की अनदेखी जैसे मुद्देसामने आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भव सिंह लोधी ने कहा कि पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरणविदों ने भी बरगी जैसे बड़े जलाशयों में बिना उचित सुरक्षा के क्रूज चलाने पर चिंता जताई है।  बचाव अभियान शुक्रवार को भी पूरे जोर-शोर से जारी है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अनावश्यक रूप से डैम क्षेत्र में न पहुंचें ताकि राहत कार्य प्रभावित न हो। यह हादसा मध्य प्रदेश में जल पर्यटन की सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अंतिम रिपोर्ट औरपूर्ण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी लापरवाहियां हुईं, लेकिन फिलहाल पूरे प्रदेश में शोक और गुस्से का माहौल है।

यह भी पढ़ें: यूपी में आंधी-बारिश का कहर: दो दिनों में 24 की मौत, सीएम योगी ने 24 घंटे में मुआवजे के निर्देश दिए  

यहां से शेयर करें