Delhi:दिल्ली की राजनीति में इन दिनों अरविंद केजरीवाल के नए आवास को लेकर जबरदस्त घमासान छिड़ा हुआ है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल के नए आवास का लेआउट और वीडियो जारी करते हुए उसे ‘शीशमहल-2’ की संज्ञा दी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में चुनावी हार के बाद केजरीवाल 95 लोधी एस्टेट जैसे आलीशान बंगले में शिफ्ट हो रहे हैं।
आज बीजेपी के मंत्री @p_sahibsingh जी ने पूरी मीडिया को बुलाकर अरविंद केजरीवाल जी के तथाकथित नए घर की तस्वीरें दिखाई… लेकिन मज़े की बात ये है कि ये तस्वीरें केजरीवाल जी के घर की नहीं, बल्कि ‘Pinterest’ से डाउनलोड की गई हैं!
क्या दिन आ गए हैं इनके – जब केजरीवाल जी के खिलाफ कुछ… https://t.co/Fc8zTBF5lQ
— Atishi (@AtishiAAP) April 25, 2026
AAP का पलटवार — ‘तस्वीरें फर्जी हैं’
आम आदमी पार्टी ने प्रवेश वर्मा के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने एकसुर में इन तस्वीरों को पूरी तरह से फर्जी बताया है।
संजय सिंह ने कहा, “प्रवेश वर्मा द्वारा केजरीवाल जी के घर की जो तस्वीर जारी की गई है, वो पूरी तरह फर्जी है। मैं चुनौती देता हूं कि रेखा गुप्ता जी, LG महोदय और प्रवेश वर्मा अपना-अपना घर जनता के लिए खोल दें — अरविंद केजरीवाल जी भी अपना घर खोल देंगे, जनता को पता चल जाएगा किसका घर कितना आलीशान है।”
आतिशी ने भी पोस्ट करते हुए कहा, “प्रवेश वर्मा द्वारा जारी की गई सारी तस्वीरें फर्जी हैं — वे केजरीवाल जी के घर की तस्वीरें नहीं हैं। रेखा गुप्ता जी और LG साहब अपना-अपना घर खोल दें, केजरीवाल जी भी अपना घर खोल देंगे, जनता खुद तय कर लेगी।”
बीजेपी का ‘शीशमहल’ आरोप
उल्लेखनीय है कि प्रवेश वर्मा ने पहले भी केजरीवाल के पुराने सरकारी आवास 6, फ्लैग स्टाफ रोड को ‘शीशमहल’ बताते हुए आरोप लगाया था कि इसकी सजावट पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च किए गए। उन्होंने विधानसभा में एक लंबी सूची पेश करते हुए 76 टेबल पर 1 करोड़ 5 लाख रुपए, 1.5 करोड़ रुपए के पर्दे और 8 बेड पर 40 लाख रुपए के खर्च का ब्यौरा रखा।
अब केजरीवाल के नए आवास की तस्वीरें जारी कर बीजेपी ने एक बार फिर ‘शीशमहल’ मुद्दे को हवा दी है — लेकिन AAP ने इसे सीधे ‘झूठ का प्रचार’ करार देते हुए जनता के सामने खुला चैलेंज रख दिया है। दोनों पक्षों के बीच यह विवाद अब ‘घर खोलो’ की जनचुनौती तक पहुंच गया है, जिसकी राजनीतिक गूंज आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

