तेहरान एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू: ईरान ने दो महीने के अंतराल के बाद तेहरान के बैनामेहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानें दोबारा शुरू कर दी हैं, जो अमेरिका और इज़राइल के साथ चले हालिया संघर्ष के बाद उसके हवाई क्षेत्र में आने–जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एयरलाइंस ट्रैकिंग प्लेटफ़ॉर्म फ्लाइट्रेडार24 के अनुसार, शुक्रवार सुबह ही कम से कम तीन तेहरान से इस्तांबुल के लिए उड़ानें उड़ान भर चुकी हैं, जो दर्शाता है कि हवाई यातायात धीरे–धीरे सामान्य हो रहा है।
युद्धविराम की पृष्ठभूमि में उड़ानें वापसी
ईरान ने इस महीने की शुरुआत में अपना हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खोल दिया था, जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच एक क्षणिक युद्धविराम समझौते के तहत लड़ाई को रोका गया था। इस युद्धविराम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से “अनिश्चित काल” तक बढ़ाए जाने के बाद ईरान ने अपने वाणिज्यिक एयरसर्विस को फिर से संचालित करने का फैसला लिया है। बीच में ईरान के पूरे हवाई क्षेत्र में वाणिज्यिक उड़ानों के ऊपर प्रतिबंध लगा हुआ था, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को रास्ते बदलने या उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
पाकिस्तान में जारी डिप्लोमेसी
इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में देश के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेताओं से दो दौर की बातचीत की, जिसका उद्देश्य युद्धविराम को मजबूत और स्थायी बनाना है। अमेरिकी दूतों के भी इस्लामाबाद जाने की उम्मीद है, जहां पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करके वार्ता फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। इस्लामाबाद खुद को “ब्रिज‑बिल्डर” की भूमिका में दिखा रहा है, खासकर तब जब अभी भी क्षेत्र में सुरक्षा संदेह और सैन्य उपस्थिति दोनों बनी हुई है।
उड़ान सुरक्षा और यात्री भावनाएं
हालांकि ईरान ने हवाई अड्डों को आंशिक रूप से खोल दिया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अभी भी सुरक्षा जांच और निगरानी बढ़ाकर चल रही हैं। कई यूरोपीय और मध्य पूर्वी बेड़े ने पिछले महीनों में ईरान के ऊपर से या उसके निकट से गुजरने वाली उड़ानों को बदल दिया था, जिससे यात्रियों के लिए समय और लागत दोनों में इजाफा हुआ था। अब तेहरान से शुरू होने वाली नई उड़ानों पर यात्रियों की नज़र न केवल अपनी सुरक्षा पर है, बल्कि यह भी देखना चाहते हैं कि यह सामान्यीकरण वास्तव में कितनी जल्दी और कितने स्थायी रूप से मुमकिन होगा।इस क़दम को विश्लेषक ईरान की अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, विदेशी यातायात और देश की छवि को बहाल करने की पहली ठोस निशानी मान रहे हैं, बशर्ते युद्धविराम टूटने की जगह वार्ता और डिप्लोमेसी के ज़रिए बढ़ता रहे।

