BRS ने आत्मा खो दी: के. कविता ने ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ का किया शुभारंभ, BRS से निष्कासन के सात महीने बाद उठाया बड़ा कदम, KCR की पार्टी पर बड़ा Attack

BRS ने आत्मा खो दी: तेलंगाना की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शनिवार को हैदराबाद में अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (TRS) का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। यह पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) से उनके निलंबन के करीब सात महीने बाद लॉन्च की गई है।

पार्टी का नाम इतिहास की याद

नई पार्टी का नाम उल्लेखनीय रूप से BRS के पूर्व नाम ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ की याद दिलाता है, जिसे KCR ने राष्ट्रीय विस्तार के दौरान बदलकर BRS कर दिया था। कविता ने पार्टी लॉन्च से पहले हैदराबाद के गन पार्क स्थित अमरवीरुला स्तूपम पर 1969 के तेलंगाना आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

‘आपका समय गया, हमारा समय आया’

लॉन्च इवेंट के बाद कविता ने सोशल मीडिया पर लिखा: “याद रखो इस नाम को: तेलंगाना राष्ट्र सेना। हम किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेंगे। तेलंगाना के लोगों का अब अपना समय आया है। आपका समय गया, हमारा समय अब है।” कविता ने कहा कि यह नई पार्टी तेलंगाना के “अधूरे लक्ष्यों” को पूरा करने के लिए बनाई गई है और इसका मकसद क्षेत्रीय आंदोलन की मूल भावना को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि “पहले कुछ गलतियाँ हुईं, जिनमें मैं भी शामिल थी इसके लिए मैं ईमानदारी से माफी माँगती हूँ।”

BRS से निष्कासन विवाद की पूरी कहानी

कविता को सितंबर 2025 में BRS से निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं — अपने चचेरे भाई टी. हरीश राव और जे. संतोष कुमार पर KCR की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया था। यह विवाद BRS शासनकाल में बने कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर उठे विवाद से जुड़ा था। निलंबन के बाद कविता ने हरीश राव और संतोष राव पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ मिलकर “परिवार और पार्टी को नष्ट करने की साजिश” रचने का आरोप लगाया और MLC पद से भी इस्तीफा दे दिया।

पार्टी का फोकस और भविष्य की राह

कविता के अनुसार नई पार्टी का करीब 95 प्रतिशत ध्यान तेलंगाना पर केंद्रित रहेगा और वे महिलाओं का समर्थन जुटाने पर विशेष जोर देंगी। उन्होंने राज्य में कांग्रेस सरकार के प्रदर्शन को भी निराशाजनक बताया।  पार्टी का मूल उद्देश्य ‘सर्वोदय तेलंगाना’ — यानी सबका विकास — के सिद्धांत पर काम करना है।दिसंबर 2025 में ही कविता ने संकेत दे दिया था कि उनकी पार्टी 2028 में संभावित विधानसभा चुनावों में उतरेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेलंगाना राष्ट्र सेना के गठन से राज्य की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बन गई है एक तरफ सत्तारूढ़ कांग्रेस, दूसरी तरफ KCR की कमजोर पड़ती BRS और अब कविता की नई ताकत। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘TRS’ नाम की यह नई पार्टी तेलंगाना के मतदाताओं के बीच कितनी जड़ें जमा पाती है।​​​​​​​​​​​​​​​​

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