केदारनाथ कपाट उद्घाटन: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने केदारनाथ मंदिर परिसर में वीडियोग्राफी और ड्रोन उड़ाने पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को सुबह 8 बजे भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही पालकी यात्रा पहुंच गई और हजारों भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एसपी तोमर ने स्पष्ट किया कि मंदिर की पवित्रता और गरिमा बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन से वीडियोग्राफी पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इसकी निगरानी के लिए विशेष मोबाइल काउंटर भी स्थापित किया है। एसपी निहारिका तोमर ने भक्तों से अपील की, “हमारे निर्देशों का पालन करें। मंदिर परिसर में वीडियोग्राफी न करें, न ही बिना अनुमति ड्रोन उड़ाएं। आज ही दो व्यक्तियों के खिलाफ ड्रोन उड़ाने पर कार्रवाई की गई है और यह सिलसिला जारी रहेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
लाठीचार्ज वीडियो फर्जी, पुलिस ने खारिज किया दावा
इस बीच, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मंदिर परिसर में लाठी का प्रयोग दिखाया जा रहा है, जिसे केदारनाथ पुलिस ने पूरी तरह फर्जी करार दिया। आधिकारिक बयान में कहा गया, “वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का पुलिस विभाग से कोई संबंध नहीं है। प्रकरण की जांच चल रही है। पुलिस के नाम पर भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस ने जनता से अफवाहों से बचने और सत्यापित सूत्रों पर भरोसा करने की अपील की।
VIP भेदभाव के आरोप पर इंस्टाग्राम यूजर निशाने पर
केदारनाथ में हाल ही एक भक्त की मौत के मामले में इंस्टाग्राम यूजर द्वारा लगाए गए VIP भेदभाव के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया। यूजर ने दावा किया कि सामान्य भक्तों को प्राथमिकता नहीं मिली, जबकि VIP को सुविधा दी गई। इस भ्रामक वीडियो पोस्ट के बाद उसके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी और किसी भेदभाव का मामला नहीं है।ताजा अपडेट के अनुसार, कपाट उद्घाटन शांतिपूर्ण रहा। उत्तराखंड पुलिस और SDRF टीमें भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं। मौसम विभाग ने हल्की बारिश की चेतावनी दी है, इसलिए भक्त सावधानी बरतें। अगले कुछ दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की उम्मीद है।

