बिंदी-तिलक विवाद पर घिरी Lenskart: बिंदी-तिलक रोक और BJP नेता का शोरूम में प्रवेश, CEO की सफाई के बावजूद नहीं थमा रहा बवाल

बिंदी-तिलक विवाद पर घिरी Lenskart:  विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

लेंसकार्ट का एक आंतरिक “स्टाफ यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग गाइड” दस्तावेज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कर्मचारियों को काले रंग का हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी गई थी, जबकि बिंदी, तिलक और धार्मिक धागों पर रोक लगाई गई थी। यह दस्तावेज़ फरवरी 2026 में तैयार किया गया था और इसमें कंपनी की ब्रांडिंग भी मौजूद थी।

BJP नेता का शोरूम में घुसना

BJP की माइनॉरिटी मोर्चा की नेता नाजिया इलाही खान ने अपने समर्थकों के साथ मुंबई के एक लेंसकार्ट शोरूम में प्रवेश किया, जहाँ उन्होंने स्टाफ से जमकर सवाल-जवाब किए और “जय श्री राम” के नारे लगाए। नाजिया खान ने स्टोर मैनेजर मोहसिन खान से पूछा कि क्या वे कार्यस्थल पर “शरिया कानून” लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने और उनके समर्थकों ने हिंदू कर्मचारियों के माथे पर केसरिया तिलक लगाया। नाजिया इलाही खान BJP के माइनॉरिटी आउटरीच कार्यक्रम की मुख्य प्रवक्ता हैं और पार्टी में एक प्रमुख मुस्लिम आवाज़ मानी जाती हैं।

कंपनी का जवाब

लेंसकार्ट के CEO पीयूष बंसल ने पहले इस दस्तावेज़ को “गलत और पुराना” बताया, लेकिन जब X (ट्विटर) पर कम्युनिटी नोट ने यह स्पष्ट किया कि दस्तावेज़ फरवरी 2026 का ही है, तो उन्हें अपना बयान बदलना पड़ा। बाद में बंसल ने माना कि यह एक पुराना प्रशिक्षण दस्तावेज़ था जिसमें बिंदी-तिलक पर गलत उल्लेख था, जिसे 17 फरवरी को ही हटा दिया गया था।  कंपनी ने एक नई इन-स्टोर स्टाइल गाइड जारी की जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी — सभी धार्मिक प्रतीकों का स्वागत है।

विवाद अभी भी जारी

BJP कार्यकर्ताओं ने जाँच की माँग की है और कहा है कि जब तक नीति में स्थायी सुधार की पुष्टि नहीं हो जाती, वे शोरूम बंद करने की माँग पर अडिग रहेंगे। सोशल मीडिया पर #BoycottLenskart ट्रेंड करता रहा और मेरठ सहित देश के कई शहरों में लेंसकार्ट के शोरूम के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए। यह मामला कॉर्पोरेट भारत में धार्मिक अभिव्यक्ति और कार्यस्थल नीतियों को लेकर एक बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।​​​​​​​​​​​​​​​​

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