₹70 लाख का वजन घटाने का स्कैम: गुरुग्राम में नकली ‘मुंजेरो’ इंजेक्शन फैक्ट्री का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

₹70 लाख का वजन घटाने का स्कैम: वजन कम करने की चाहत रखने वाले लोगों को निशाना बनाने वाले एक बड़े नकली दवा रैकेट का गुरुग्राम पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) ने मिलकर भंडाफोड़ किया है। गुरुग्राम के सेक्टर 69 स्थित एक फ्लैट में चल रही नकली ‘मुंजेरो’ इंजेक्शन बनाने की अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है, जहाँ से पुलिस ने गिरोह के सरगना अमिश शर्मा और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपियों के पास से लगभग ₹70 लाख के नकली इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। ये इंजेक्शन मुंजेरो (Mounjaro) ब्रांड के नाम पर बनाए जा रहे थे, जो असल में मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवा है|बाजार में एक असली मुंजेरो इंजेक्शन की कीमत ₹13,000 से ₹25,000 के बीच बताई जाती है, जिससे जब्त किए गए इंजेक्शनों की कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है।

सप्लाई का था बड़ा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, सप्लायर इन नकली इंजेक्शनों की खेप को दिल्ली के भागीरथ पैलेस से गुरुग्राम के पॉश इलाके में स्थित हाई-एंड कमर्शियल हब गैलेरिया मार्केट तक पहुँचाने की योजना बना रहा था। यानी ये नकली इंजेक्शन शहर के सबसे महँगे और पॉश बाजारों में अमीर ग्राहकों को बेचे जाने थे।

कैसे हुआ खुलासा?

DLF फेज-4 में ड्रग कंट्रोल विभाग की छापेमारी के दौरान एक गाड़ी की तलाशी में भारी मात्रा में संदिग्ध इंजेक्शन बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन मिलने के बाद विभाग ने गहन जाँच शुरू की, जो सेक्टर 69 के उस फ्लैट तक पहुँची जहाँ नकली दवाइयाँ बनाई जा रही थीं।

क्यों है यह खतरनाक?

मुंजेरो (Tirzepatide) एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है जिसे इटली की एक कंपनी बनाती है। इसका उपयोग डॉक्टर की देखरेख में किया जाता है। नकली और मिलावटी इंजेक्शन लगाने से मरीज को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है यहाँ तक कि जान का खतरा भी।

पुलिस की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग मिलकर इस रैकेट के और सदस्यों की तलाश कर रहे हैं। जाँच में यह पता लगाया जा रहा है कि ये नकली दवाइयाँ किन-किन शहरों में सप्लाई की जाती थीं और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ तक फैले हैं।

सतर्कता जरूरी: अगर आप वजन घटाने के लिए कोई इंजेक्शन या दवा ले रहे हैं, तो उसे केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर और डॉक्टर की पर्ची पर ही लें। बाजार में बिकने वाली सस्ती दवाएँ नकली और जानलेवा हो सकती हैं।​​​​​​​​​​​​​​​​

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