ईरान! होर्मुज पर ट्रंप का एक्शन: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के सातवें सप्ताह में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने-आने वाले सभी समुद्री यातायात पर नौसैनिक ब्लॉकेड लागू कर दिया है, जो सोमवार (13 अप्रैल) को सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम से प्रभावी हो गया।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के तेल निर्यात का महत्वपूर्ण मार्ग है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है (158 जहाज डुबो दिए गए) और ब्लॉकेड का मकसद ईरान को जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए मजबूर करना है। सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ने पहले ही क्षेत्र में माइन क्लियरिंग ऑपरेशन शुरू कर दिए थे। ईरान ने इसे “समुद्री लूट” करार दिया और चेतावनी दी कि अगर उसके बंदरगाहों पर खतरा बना तो खाड़ी और ओमान सागर के सभी बंदरगाह “सभी के लिए या किसी के लिए नहीं” रहेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान में अब तक 3300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 380 बच्चे शामिल हैं। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
पाकिस्तान में बातचीत विफल:
पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई लंबी बातचीत (21 घंटे से ज्यादा) बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ईरान परमाणु हथियार छोड़ने को तैयार नहीं हुआ। उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी शर्तें स्वीकार नहीं कीं। अब मध्यस्थ देश नई बातचीत की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दो सप्ताह का सीजफायर खत्म होने वाला है। इजरायल लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है।
ट्रंप-पोप लियो XIV का विवाद:
इस पूरे संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पोप लियो XIV (पहले अमेरिकी मूल के पोप) के बीच खुला विवाद छिड़ गया है। पोप लियो ने ईरान युद्ध को “अमानवीय और बेतुका” बताया, शांति की अपील की और “सर्वशक्तिमानता की भ्रम” की आलोचना की। उन्होंने अफ्रीका दौरे पर जाते हुए कहा कि वे ट्रंप प्रशासन से “बिल्कुल नहीं डरते” और सुसमाचार के अनुसार शांति का संदेश देते रहेंगे।
ट्रंप ने जवाब में पोप को “कमजोर”, “विदेश नीति के लिए भयानक” और “रेडिकल लेफ्ट को खुश करने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि अगर वे व्हाइट हाउस में नहीं होते तो शायद लियो पोप नहीं बन पाते। विवाद के बीच ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक AI-जनरेटेड मीम पोस्ट किया, जिसमें वे यीशु जैसी आकृति में एक बीमार व्यक्ति को चंगा करते दिख रहे थे (सफेद वस्त्र, हाथ पर चमकता गोला, अमेरिकी झंडा और ईगल के साथ)। मीम भारी आलोचना का शिकार हुआ — यहां तक कि कुछ ईसाई और कैथोलिक समर्थकों ने भी इसे ईशनिंदा बताया। बाद में ट्रंप ने मीम हटा लिया और दावा किया कि “यह डॉक्टर के रूप में उन्हें दिखाने वाली तस्वीर थी, रेड क्रॉस से संबंधित”। उन्होंने माफी देने से इनकार कर दिया। पोप लियो XIV ने युद्ध रोकने की अपील जारी रखी है, जबकि ईरान के राष्ट्रपति ने ट्रंप के पोप पर हमले को धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया।
वर्तमान स्थिति:
अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज में ब्लॉकेड लागू कर चुकी है, लेकिन अन्य देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति है। सऊदी अरब समेत कुछ अरब देश ब्लॉकेड हटाने और बातचीत पर लौटने की अपील कर रहे हैं। इजरायल हाई अलर्ट पर है और मल्टी-फ्रंट युद्ध की तैयारी कर रहा है। चीन ईरान को नई एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी में बताया जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान “बहुत बुरी तरह” डील चाहता है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हुआ। स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है कोई भी गलत कदम पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध में धकेल सकता है। विश्वभर में चिंता बढ़ रही है कि यह संघर्ष न केवल मध्य पूर्व को अस्थिर कर रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और धर्म-राजनीति के रिश्ते को भी प्रभावित कर रहा है। आगे की बातचीत और घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।

