नोएडा फेज-2 में बवाल: पथराव, लाठीचार्ज के बाद 300 से ज्यादा गिरफ्तार, साजिश की जांच तेज

Workers' Protest :

Workers’ Protest : ग्रेटर नोएडा/नोएडा। नोएडा फेज-2 के सेक्टर-80 इलाके में सोमवार सुबह हुए पथराव और हंगामे के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पूरे मामले में साजिश के एंगल से भी जांच शुरू कर दी गई है।

Workers’ Protest :

सुबह 9 बजे भड़का विवाद, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे सेक्टर-80 स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र में अचानक पथराव शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि गुरु अमरदास इंटरनेशनल कंपनी परिसर के आसपास यह घटना हुई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई।

धरने से हिंसा तक पहुंचा मामला

पुलिस के अनुसार, इलाके में सफाई कार्य से जुड़े मजदूर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। बातचीत के दौरान अचानक कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें सब-इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता भी शामिल हैं।

संगठित साजिशका शक, सोशल मीडिया जांच के घेरे में

गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि कुछ संगठित समूह मजदूरों को भड़का रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई फर्जी ट्विटर हैंडल और सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि किसी संगठित नेटवर्क द्वारा तकनीक के जरिए लोगों को उकसाया जा रहा है।

Workers’ Protest :

WhatsApp ग्रुप और QR कोड से जुटाई जा रही भीड़

पुलिस जांच में सामने आया है कि मजदूरों को WhatsApp ग्रुप के जरिए जोड़ा जा रहा था। QR कोड स्कैन कर लोगों को इन ग्रुप्स में शामिल किया जा रहा था, जिससे यह शक गहराया है कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है। पुलिस अब इनकी फंडिंग तक की जांच कर रही है, जिसमें बाहरी स्रोतों से पैसे आने की भी आशंका जताई गई है।

7 FIR दर्ज, रूट मार्च से हालात काबू में

पुलिस ने पिछले दो दिनों में हुई घटनाओं को लेकर 7 अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई अन्य की पहचान कर उनकी तलाश जारी है।
कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, सुबह 5 बजे से लगातार रूट मार्च किया जा रहा है और तीन अलग-अलग जगहों पर जमा हुई भीड़ को 15 मिनट के भीतर समझाकर हटाया गया।

मजदूरों से काम पर लौटने की अपील

पुलिस और प्रशासन ने मजदूरों से शांति बनाए रखने और अपने-अपने काम पर लौटने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है और वेतन वृद्धि पर जल्द फैसला होने की संभावना है।

फिलहाल पूरे नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Workers’ Protest :

यहां से शेयर करें