नोएडा। नोएडा के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों—फेस-2, सेक्टर-80 और सेक्टर-88 में पिछले कुछ दिनों से श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बड़ी संख्या में श्रमिकों के सड़कों पर उतरने के बाद, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने औद्योगिक शांति बहाल करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। इसी क्रम में आज प्रशासनिक अधिकारियों ने कारखाना प्रबंधकों और सेवायोजकों के साथ आपातकालीन बैठक की।गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अलग अलग सत्रों में जाकर जायज़ा लिया और उसके अलावा सेवायोजकों के साथ बैठक की।उन्होंने श्रमिकों से भी अपील की कि वह किसी तरह की अफ़वाह में न आए। पुलिस लगातार चप्पे चप्पे पर निगाह रख रही है ताकि वे श्रमिक कोई बड़ा आंदोलन न कर पाएँ।
प्रबंधन को सख्त हिदायत: ‘श्रमिकों के हक में न हो कटौती’
बैठक में अधिकारियों ने औद्योगिक इकाइयों के मालिकों और प्रबंधकों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि श्रमिक असंतोष का मुख्य कारण नियमों की अनदेखी है। प्रशासन ने निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है:
- ओवरटाइम का दोगुना भुगतान: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रम कानूनों के अनुसार, यदि किसी श्रमिक से निर्धारित समय से अधिक काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर (Double Rate) से भुगतान करना अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- साप्ताहिक अवकाश: श्रमिकों को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य अवकाश दिया जाए। बिना साप्ताहिक अवकाश के निरंतर कार्य करवाना कानूनन अपराध है।
- सुरक्षा मानक: कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। शासन की गाइडलाइंस के अनुसार सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षित वातावरण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अफवाहों पर न दें ध्यान, शांति बनाए रखें श्रमिक
सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों के बीच पहुँचकर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे शांति बनाए रखने की भावुक अपील भी की। प्रशासन ने कहा:
“श्रमिक किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों के शिकार न हों। कुछ असामाजिक तत्व स्थिति का लाभ उठाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। आपकी हर जायज मांग और समस्या का समाधान कानूनी दायरे में रहकर संवाद के माध्यम से किया जाएगा।”
सक्रिय हुआ श्रम विभाग
नोएडा के फेस-2 और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रम विभाग की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन क्षेत्रों की कंपनियों का औचक निरीक्षण करें। यदि कोई भी कारखाना प्रबंधन शासन की गाइडलाइंस का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक शांति के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन का मानना है कि औद्योगिक शांति से ही नोएडा की अर्थव्यवस्था और श्रमिकों का भविष्य सुरक्षित है। बैठक में यह तय किया गया कि प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद की कमी को दूर करने के लिए ‘समन्वय समितियां’ बनाई जाएंगी, ताकि विवादों को सड़क पर आने से पहले ही सुलझाया जा सके।
एबीईएस कॉलेज में 1622 विद्यार्थियों को डिग्री, 426 को 1875 प्लेसमेंट आॅफर; मेधावियों को मिला सम्मान

