बिहार हॉस्टल कांड: बिहार के जहानाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। लोदीपुर इलाके के एक निजी आवासीय स्कूल हॉस्टल में यूकेजी कक्षा का छात्र आशु कुमार सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया।
कौन था पीड़ित?
बुलाकी बीघा गांव निवासी धनंजय कुमार का पुत्र आशु कुमार महज दस दिन पहले ही इस आवासीय स्कूल में दाखिल हुआ था। परिजनों को सोमवार सुबह छह बजे फोन कर बताया गया कि बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर परिवार के सामने एक भयावह सच्चाई आई।
हॉस्टल प्रबंधन बनाम परिवार का आरोप
हॉस्टल प्रबंधन ने दावा किया कि बच्चे को सीढ़ियों से गिरने पर चोटें आईं, जबकि पिता ने पुलिस शिकायत में कहा कि उनके बेटे का गला रेता गया था और पेट पर गहरे चोट के निशान थे। बच्चे को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया, जहाँ रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस जाँच और गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कैंटीन में कार्यरत गार्ड मुकेश उर्फ सुदामा को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि घटना के समय वह शराब के नशे में धुत था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम के साथ अप्राकृतिक कृत्य किए जाने की पुष्टि हुई और इसके बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के लिए उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त धारदार ब्लेड भी बरामद कर लिया है।
प्रदर्शन और साक्ष्य मिटाने के आरोप
बच्चे की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और परिजनों ने गया-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-22) पर जाम लगा दिया और स्कूल संचालक तथा स्टाफ की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। CPIML (लिबरेशन) की एक तथ्यान्वेषण टीम ने दौरा कर आरोप लगाया कि तीन मंजिला हॉस्टल में 100 से अधिक बच्चे रहते थे, परंतु पुलिस के पहुंचने से पहले ही अन्य बच्चों को वहाँ से हटा दिया गया और कई स्टाफ सदस्य मौके से फरार हो गए।
आरोपी का बयान
गिरफ्तार गार्ड ने पूछताछ में बताया कि उसने यह कृत्य संस्था को बदनाम करने के लिए किया — हालाँकि पुलिस इस दावे की भी जाँच कर रही है।
अब क्या होगा आगे?
एसपी अपराजित लोहान ने स्पष्ट किया है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे जहानाबाद में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है, और निजी आवासीय स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला बिहार में बच्चों की सुरक्षा और निजी हॉस्टलों में निगरानी की घोर कमी को उजागर करता है।

