New Delhi news दक्षिण जिला साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को विदेश में नौकरी और वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड अभी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के जरिए विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था और वीजा प्रोसेसिंग के नाम पर उससे पैसे वसूले गए। रकम मिलने के बाद आरोपित संपर्क से गायब हो गए।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच में संदिग्ध मोबाइल नंबर की तकनीकी निगरानी की गई, जिसमें उसकी लोकेशन दिल्ली के रानी बाग इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान नंद किशोर प्रसाद (पश्चिम बंगाल), अहमद हयात खान (बिहार) और मुस्ताक खान (शाहीन बाग, दिल्ली) के रूप में हुई है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि शादाब उर्फ मोहम्मद खुशनूद इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो आॅनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फंसाने का काम करता था।
आरोपी सोशल मीडिया के जरिए विदेश में नौकरी का देते थे लालच
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों को विदेश में नौकरी का लालच देते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी वेबसाइट्स पर भेजकर भरोसा दिलाया जाता और नकली वीजा दस्तावेज दिखाकर 15 हजार से 90 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। रकम मिलने के बाद आरोपित संपर्क तोड़ देते थे।
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और देशभर में ठगे गए पीड़ितों की पहचान की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि विदेश नौकरी या वीजा के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें।
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