दिल्ली हाईकोर्ट में पोर्नोग्राफी: दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के समक्ष बुधवार दोपहर करीब 12:56 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनहित याचिकाओं (पीआईएल) की सुनवाई शुरू होनी थी, तभी एक अज्ञात यूजर ने स्क्रीन शेयरिंग के माध्यम से अश्लील वीडियो और संगीत तीन बार चलाकर कार्यवाही को बाधित कर दिया। इस घटना से कोर्ट रूम में मौजूद जज, वकील और अधिकारी स्तब्ध रह गए, और आनन-फानन में वर्चुअल सुनवाई को रोककर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई।
संदिग्ध यूजर आईडी अमेरिका से लिंक, साइबर जांच तेज
खबरों के मुताबिक, अश्लील सामग्री श्रीधर सरनोबत और शीतजीत सिंह नाम के यूजर अकाउंट्स से अमेरिका सर्वर के जरिए ब्रॉडकास्ट की गई, जिसके बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने तत्काल दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट की तकनीकी टीम ने वीसी सिस्टम पर संभावित साइबर हमले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें दो लॉग-इन आईडी मुख्य संदेह के घेरे में हैं। लगभग 100 पीआईएल मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई, और फिलहाल फिजिकल सुनवाई का विकल्प तलाशा जा रहा है।
कोर्ट प्रबंधन सतर्क, सुरक्षा उपायों की समीक्षा
दिल्ली हाईकोर्ट में इस तरह की घटना पहली बार हुई है, जो वर्चुअल कोर्टरूम की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। अधिकारियों ने बताया कि वीडियो कम से कम दो स्क्रीनों पर बार-बार दिखाया गया, जिससे कार्यवाही को तीन बार रोका गया। पुलिस जांच में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन तकनीकी फॉरेंसिक विश्लेषण से अपराधी की तलाश तेज कर दी गई है, और भविष्य में वीसी लिंक को सुरक्षित बनाने के लिए नई गाइडलाइंस लागू करने की योजना है।

