पुलिस और प्रशासन ने लोक व्यवस्था व जन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए जारी किए दिशा-निर्देश

Ghaziabad news पुलिस आयुक्त  जे. रविंद्र गौड़  और जिलाधिकारी  रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि यदि किसी संगठन, कार्यालय या संस्थान में विवाद, तनाव, रंगदारी या अवैध वसूली जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो जिम्मेदारी अधिकारी तुरंत निकटतम थाना प्रभारी या विभाग को सूचित करें। किसी प्रकरण को अनदेखा करने या लंबित रखने की स्थिति में  अपूर्ण कार्यवाही की जिम्मेदारी सीधे जिम्मेदारी थाना प्रभारी या अधिकारी पर मानी जाएगी और उनके खिलाफ निलंबन या सेवा समाप्ति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
उन्होंने शुकवार को जनपद में लोक व्यवस्था और जन सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए उक्त विचार व्यक्त किए7
पुलिस आयुक्त व डीएम ने कहा कि सभी संगठनों, संस्थाओं और औद्योगिक इकाइयों के साथ नियमित बैठक और संवाद स्थापित जरूर करें। ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
जिला प्रशासन और पुलिस ने जनपद में संचालित विभिन्न संगठनों जैसे कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, बैंक कर्मचारी संघ, औद्योगिक संगठन, ट्रेड यूनियन, पत्रकार संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, होटल-रेस्टोरेंट संगठन आदि के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने तय किया है कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय गुरुवार को जिला प्रशासन-पुलिस की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। बैठकों में  लोक व्यवस्था, जन सुरक्षा, जीवन रक्षक सेवाओं और प्राप्त प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे।
सार्वजनिक और निजी संस्थाओं की सुरक्षा प्राथमिकता
दोनों अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकार के कार्यालयों, बड़ी कंपनियों, अस्पतालों और अन्य संस्थाओं में किसी भी प्रकार के विवाद या असंतोष को गंभीरता से लिया जाए। समय पर कार्रवाई और पारदर्शी निस्तारण के माध्यम से जनपद में शांति और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।

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