रात 1:34 बजे तक ऑनलाइन थे मानवेंद्र, परिजन क्या छिपा रहे? अक्षत ने गुमराह करने के लिए रची थी ‘पापा लौट आओ’ वाली कहानी

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UP News: लखनऊ। आशियाना सेक्टर-एल में शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या का मामला रोज नए मोड़ ले रहा है। बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) द्वारा पिता की हत्या, शव के टुकड़े करने और ड्रम में छिपाने की साजिश ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। लेकिन अब जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन्होंने जांच को और उलझा दिया है।

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बेटी कृति कमरे में थी मौजूद, परिजन बोले—“गोली की आवाज नहीं सुनी

वारदात 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे हुई। उस वक्त घर में सभी सदस्य मौजूद थे। हैरानी की बात यह है कि मानवेंद्र की बेटी कृति उसी कमरे में सो रही थी। परिजनों ने दावा किया कि गोली चलने की आवाज किसी ने नहीं सुनी। भाई अरविंद की पत्नी भी बच्चों के साथ दूसरे तल पर ही थीं।

पुलिस को परिजनों के इन बयानों पर गहरा संदेह है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में परिजन कुछ छिपा रहे हैं, क्योंकि घटनास्थल की परिस्थितियाँ उनके दावों से मेल नहीं खातीं।

कृति मानसिक सदमे में है और पुलिस उसे सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है।

रात 1:34 बजे तक ऑनलाइन थे मानवेंद्र दोस्तों का दावा

दोस्त धर्मेंद्र के अनुसार 19 फरवरी की रात मानवेंद्र 1:34 AM तक ऑनलाइन थे। यह बात भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उसके बाद सुबह तक हत्या हुई और परिवार पूरी तरह अनजान बताता रहा। भाई अरविंद 12–22 फरवरी तक जालौन गए हुए थे और घटना की सूचना मिलने पर ही लखनऊ पहुँचे।

अक्षत की चाल – ‘पापा, आप कहाँ हो?’ वाला व्हाट्सऐप ग्रुप

हत्या छिपाने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की फर्जी कहानी फैलाई, दोस्तों और परिजनों को जोड़कर पापा लौट आओ” नाम का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया, लगातार संदेश भेजता रहा पापा, प्लीज वापस आ जाओ… मैं और कृति आपको मिस कर रहे हैं।”

पुलिस का कहना है कि अक्षत यह सब इसलिए कर रहा था ताकि उसे सभी की बातचीत और गतिविधियों पर नजर रहे।

दीवारों पर खून के छींटे, अक्षत ने खरीदा पेंट

हत्या के बाद कमरे में खून चारों तरफ फैल गया था। पुलिस के अनुसार: दीवारों पर खून के छींटे साफ करने के लिए, अक्षत ने बाजार से पेंट खरीदकर दीवारें रंग दीं, ताकि कोई सबूत न मिले मानवेंद्र के पिता सेवानिवृत्त दरोगा हैं, लेकिन उन्होंने इस पर कोई बयान देने से इनकार कर दिया है।

अक्षत का खुलासा नीट की पढ़ाई को लेकर था तनाव

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने बताया मानवेंद्र बेटे अक्षत पर नीट की तैयारी का दबाव डाल रहे थे, इसी बात पर पिता–पुत्र में झगड़ा हुआ, गुस्से में आकर अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी, और फिर अकेले ही शव को ठिकाने लगाने की कोशिश में जुट गया

हत्या के बाद की साजिश शरीर के टुकड़े, पैर-हाथ फेंके, धड़ ड्रम में

अक्षत ने पुलिस को बताया शव को तीसरे तल से घसीटकर भूतल लाया, कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने का प्लान बनाया, वजन ज्यादा होने से ऐसा नहीं कर पाया,आरी खरीदकर शव के टुकड़े किए, पैर और हाथ सदरौना इलाके में फेंक दिए, सिर और धड़ को घर लाकर नीले ड्रम में भर दिया, पुलिस ने शव के सभी अंग बरामद कर लिए हैं।

क्या छिपा रहा है परिवार? पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल

  • गोली की आवाज किसी को क्यों नहीं सुनाई दी?
  • घटना के समय कृति कमरे में थी, फिर उसने विरोध क्यों नहीं किया?
  • परिवार के शुरुआती बयान लगातार बदल क्यों रहे हैं?

इन सवालों के चलते पुलिस परिजनों पर भी पैनी नजर बनाए हुए है।

अक्षत गिरफ्तार, पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार आज

पुलिस ने अक्षत को हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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