DDIC OSAT Unit : यीडा क्षेत्र से उठेगी ‘चिप क्रांति’ की नई लहर

DDIC OSAT Unit :

DDIC OSAT Unit : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority – यीडा) क्षेत्र का जेवर अब देश की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षा का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की डीडीआईसी ओसैट यूनिट का शिलान्यास तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

DDIC OSAT Unit :

यह संयुक्त उद्यम HCL Technologies और Foxconn टेक्नोलॉजी ग्रुप के बीच 60:40 भागीदारी में स्थापित किया जा रहा है। लगभग ₹3,700 करोड़ के निवेश से बनने वाली यह अत्याधुनिक ओसैट (OSAT) सुविधा वर्ष 2028 तक परिचालन में आने की उम्मीद है।

2028 तक शुरू होगी अत्याधुनिक ओसैट यूनिट

संयंत्र में स्मार्टफोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल सिस्टम और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का उत्पादन किया जाएगा। प्रति माह 20,000 वेफर्स की प्रोसेसिंग क्षमता वाला यह केंद्र देश में सेमीकंडक्टर कॉम्पोनेंट्स की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। इस निवेश से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। साथ ही स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े वैश्विक भागीदारों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

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क्यों खास है यह यूनिट?

यह देश की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट (डीडीआईसी) ओसैट सुविधा होगी। अभी तक मोबाइल, टीवी, लैपटॉप और ऑटोमोबाइल डिस्प्ले में उपयोग होने वाले डीडीआईसी चिप्स के लिए भारत काफी हद तक आयात पर निर्भर रहा है। इस यूनिट के स्थापित होने से आयात निर्भरता में कमी आएगी, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी सशक्त होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देश को सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में नई पहचान दिलाएगी।

यीडा क्षेत्र बनेगा हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र पहले से ही लॉजिस्टिक्स और एयरोस्पेस निवेश के लिए जाना जाता रहा है। अब सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रवेश से यह क्षेत्र हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित होगा। परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग ₹45,000 करोड़ के जीडीपी योगदान का अनुमान है, जो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा।
Setting Up a Semiconductor Manufacturing Plant in India 2026-

रोजगार और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना के तहत उत्कृष्टता केंद्र, अनुसंधान प्रयोगशालाएं और सिमुलेशन लैब स्थापित की जाएंगी। चिप डिजाइन और परीक्षण के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के साथ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे प्रदेश में कौशल आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
Wafer handling using 17 cleanroom robots from KUKA | KUKA India

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा को साकार करने का सशक्त उदाहरण है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जेवर स्थित यह पहल उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सेमीकंडक्टर गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते भारत के लिए यह शिलान्यास तकनीकी स्वाभिमान और औद्योगिक आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है।

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जेवर में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना ‘India Chip’ का शिलान्यास

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