Agra cyber fraud News : आगरा में एक 11वीं कक्षा के छात्र की जिंदगी साइबर ठगों के चंगुल में फंस गई। मोबाइल पर ‘कॉम’ नामक ऐप डाउनलोड करने के बाद खूबसूरत लड़कियों से वीडियो कॉल पर बातचीत करने का लालच दिया गया। छात्र का न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल किया जाने लगा। पैसे की मांग बढ़ने पर छात्र अवसादग्रस्त हो गया और घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया। परिजनों ने थाना शाहगंज में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
घटना की पूरी कहानी
पिता की शिकायत के अनुसार, 17 वर्षीय छात्र कई दिनों से परेशान था। वह स्कूल भी नहीं जा रहा था और कमरे में बंद रहता था। पूछताछ पर उसने बताया कि उसके मोबाइल पर एक लिंक आया था, जिसे क्लिक करने पर ‘कॉम’ ऐप डाउनलोड हो गया। यह ऐप प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, बल्कि वेब ब्राउजर के जरिए इंस्टॉल होता है। ऐप में कई युवतियों की प्रोफाइल थीं, जो छात्र को आकर्षित करने लगीं।
शुरुआत में चैट और वीडियो कॉल पर सामान्य बातें हुईं, लेकिन रात के समय युवतियां अश्लील बातें करने लगीं। वे खुद न्यूड होकर वीडियो कॉल पर आतीं और छात्र को भी ऐसा करने के लिए उकसातीं। गलती से छात्र ने भी ऐसा कर लिया, जिसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। इसके बाद ब्लैकमेल शुरू हो गया। युवतियां पैसे मांगने लगीं, नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी।
ऐप डिलीट करने के बाद भी कॉल आते रहे। एक अजय नामक युवक ने फोन कर रुपये मांगे। बाद में पठौली की एक युवती ने भी धमकियां दीं। छात्र डर के मारे चुप था, लेकिन परिजनों को जब बात पता चली तो उन्होंने तुरंत थाने में केस दर्ज कराया। पिता ने बताया कि ऐप के जरिए कई अन्य लोगों को भी इसी तरह फंसाया जाता है। युवतियां दावा करती हैं कि उन्हें बात करने के पैसे मिलते हैं, जो यूजर्स से वसूले जाते हैं।
साइबर ठगी का बढ़ता खतरा
भारत में साइबर ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फर्जी ऐप्स और वेबसाइट्स के जरिए युवाओं को टारगेट किया जाता है। ‘कॉम’ जैसी अनजान ऐप्स अक्सर मैलवेयर से भरी होती हैं, जो डिवाइस का एक्सेस ले लेती हैं। इसी तरह के मामलों में चंडीगढ़ साइबर सेल ने 2022 में फर्जी लोन ऐप्स के जरिए ब्लैकमेल करने वाले 21 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन ऐप्स में यूजर्स की फोटोज एडिट कर अश्लील तस्वीरें बनाई जाती हैं और फिर पैसे वसूले जाते हैं।
वडोदरा में 2023 में इंस्टेंट लोन ऐप से ब्लैकमेल के एक केस में 7 आरोपी पकड़े गए, जो चीनी गिरोह से जुड़े थे। वे मोर्फ्ड न्यूड फोटोज भेजकर पीड़ितों को डराते थे। हाल ही में उत्तराखंड STF ने दिल्ली एयरपोर्ट से एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया, जो फर्जी ऐप्स से 750 करोड़ की ठगी में शामिल था। उसके तार चीन से जुड़े पाए गए।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ऐप्स लोकेशन बेस्ड टारगेटिंग का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए, ‘SPYLEND’ जैसा ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध था, जो भारतीय यूजर्स को फर्जी लोन ऐप्स दिखाता था। इनमें डेटा चुराकर ब्लैकमेल किया जाता है, यहां तक कि फोटोज एडिट कर फेक न्यूड इमेज बनाई जाती हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक युवती को लोन ऐप से डेटा चुराकर ब्लैकमेल किया गया।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) के आंकड़ों से पता चलता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर क्राइम में ब्लैकमेलिंग प्रमुख है। 2024-25 में ऐसे मामले दोगुने हो चुके हैं।
पुलिस और विशेषज्ञों की सलाह
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया, “अनजान लिंक पर क्लिक न करें। प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें। वीडियो कॉल पर अजनबी से सतर्क रहें। धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।” बच्चों को इंटरनेट के खतरे बताएं।
साइबर क्राइम रिपोर्ट करने के लिए:
• राष्ट्रीय पोर्टल: cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। महिलाओं/बच्चों के लिए विशेष सेक्शन है।
• हेल्पलाइन: 1930 (फाइनेंशियल फ्रॉड) या 1090 (महिलाओं के लिए)।
• संचार साथी ऐप: DoT का नया ऐप, जो फ्रॉड कॉल/SMS रिपोर्ट करने में मदद करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साक्ष्य संभालें- स्क्रीनशॉट, मैसेज सेव करें। रिपोर्टिंग से न केवल न्याय मिलता है, बल्कि अन्य को बचाया जा सकता है।
यह मामला साइबर सुरक्षा की महत्ता दर्शाता है। अभिभावक और स्कूलों को बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। पुलिस आरोपी युवतियों और अजय की तलाश में जुटी है।
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