जंतर-मंतर: परीक्षा घोटालों के खिलाफ युवाओं का ‘कॉकरोच’ विद्रोह, सोनम वांगचुक की हड़ताल ने बढ़ाई तीव्रता

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन तेज, सोनम वांगचुक 18वें दिन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर, स्वास्थ्य चिंताजनक; भीम आर्मी-चंद्रशेखर आजाद समेत कई दलों का समर्थन

नई दिल्ली, दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party – CJP) का अनिश्चितकालीन आंदोलन जोरों पर है। ऑनलाइन व्यंग्यात्मक आंदोलन के रूप में शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब NEET-UG पेपर लीक और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ व्यापक छात्र-युवा आंदोलन का प्रतीक बन गया है। मुख्य मांग है – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही। आज (15 जुलाई) आंदोलन के 18वें दिन (सोनम वांगचुक की हड़ताल के संदर्भ में) क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 8.5 किलोग्राम वजन कम कर लिया है, ब्लड शुगर लेवल गिरा है और स्वास्थ्य चिंताजनक बने हुए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें उन्हें फोर्स-फीडिंग और सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की गई है। वांगचुक ने खुद कहा, “बाहर से कमजोर, लेकिन अंदर से मजबूत हूं।”

आज की प्रमुख घटनाएं और मुलाकातें

भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता चंद्रशेखर आजाद ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और आंदोलन में पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। चंद्रशेखर ने 20 जुलाई के संसद मार्च के बाद हर रात जंतर-मंतर पर डटे रहने का ऐलान किया। आंदोलनरत छात्रों-छात्राओं से मिलकर समर्थन जताया गया। CJP फाउंडर अभिजीत दिपके और अन्य नेताओं ने स्वास्थ्य अपडेट साझा किए। आंदोलन में पहुंचे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

बाकी दिनों का हाल और भागीदारी

आंदोलन 20 जून के आसपास CJP द्वारा शुरू हुआ था। 28 जून को सोनम वांगचुक ने इसमें शामिल होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। पिछले हफ्तों में हजारों युवा, छात्र और आम नागरिक जंतर-मंतर पहुंचे। गर्मी (40°C+) के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। कुछ लोग कॉकरोच की ड्रेस में पहुंचकर सरकार की “युवाओं को कीड़े-मकोड़े” वाली छवि का विरोध कर रहे हैं। 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च का कार्यक्रम घोषित है, जिससे आंदोलन की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।

सोशल मीडिया और नामचीन हस्तियों का समर्थन

सोशल मीडिया पर आंदोलन वायरल है।

ध्रुव राठी जैसे प्रभावशाली यूट्यूबर/एक्टिविस्ट ने समर्थन जताया। कॉमेडियन कुणाल कामरा ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर संबोधित किया (हालांकि उनके एक बयान पर विवाद भी हुआ)। अन्य फिल्मी/सोशल हस्तियों और इंफ्लुएंसर्स से अपीलें जारी हैं। स्वरा भास्कर सहित कई आवाजें उठ रही हैं। सोशल मीडिया पर #SonamWangchuk, #CJP, #PradhanGoBack जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

आंदोलन का महत्व

CJP का यह आंदोलन बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और युवाओं की उपेक्षा के खिलाफ व्यापक असंतोष को प्रतिबिंबित करता है। वांगचुक, जो लद्दाख के शिक्षा और पर्यावरण आंदोलनों के प्रतीक हैं और ‘3 Idiots’ फिल्म में उनके काम से प्रेरित किरदार प्रसिद्ध है, की भागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है, जबकि प्रदर्शनकारियों पर दबाव बढ़ रहा है। स्वास्थ्य चिंताओं के बीच अगले कुछ दिन निर्णायक साबित हो सकते हैं। यह लोकतांत्रिक संघर्ष युवाओं की आवाज है – परीक्षा घोटालों से लेकर जवाबदेही तक। आंदोलन जारी है, नजरें 20 जुलाई के मार्च पर टिकी हैं।

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