‘सतलुज’ VS Zee5 OTT: नई दिल्ली, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से Zee5 प्लेटफॉर्म पर बिना प्रमाणन के फिल्म ‘सतलुज’ के प्रसारण को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। सरकार इस मामले में कानूनी राय मांग रही है और Zee5 के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। साथ ही, OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए अनिवार्य CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) प्रमाणन को अनिवार्य बनाने पर विचार किया जा रहा है।
विवाद की शुरुआत और फिल्म का बैकग्राउंड
Diljit Dosanjh अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ (मूल नाम ‘पंजाब 95’) मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म पंजाब के आतंकवाद काल के दौरान हुए कथित फर्जी मुठभेड़ों और गुमशुदगी के मामलों की जांच पर केंद्रित है। लगभग तीन साल से CBFC प्रमाणन की प्रक्रिया में फंसी रही यह फिल्म थिएट्रिकल रिलीज के लिए 127 कट्स के सुझाव के बाद विवादास्पद रही। निर्माताओं ने कट्स मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। 3 जुलाई 2026 को Zee5 पर ‘सतलुज’ के नाम से ओटीटी रिलीज हुई। मात्र 48 घंटे बाद, 5 जुलाई को इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। अंतरराष्ट्रीय संस्करण अभी भी उपलब्ध है, लेकिन भारतीय यूजर्स के लिए “आगे की सूचना” तक बंद है। Zee5 ने आधिकारिक तौर पर कारण नहीं बताया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार की दखलअंदाजी के बाद यह कदम उठाया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा चिंताएं
सरकार के सूत्रों ने फिल्म में “राष्ट्रीय सुरक्षा” से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फिल्म ने थिएट्रिकल रिलीज के लिए जरूरी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। इसके बजाय नाम बदलकर सीधे OTT पर रिलीज कर दी गई, जो नियमों का उल्लंघन है। अब IT Rules 2021 के तहत गठित इंटर-डिपार्टमेंटल कमिटी इस मामले पर विचार कर रही है। सरकार Zee5 के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पूरे OTT सेक्टर में सख्त नियम बनाने पर गंभीर है। विशेषज्ञों का कहना है कि थिएट्रिकल रिलीज पर सख्त सेंसरशिप के बावजूद OTT प्लेटफॉर्म्स पर अपेक्षाकृत स्वतंत्रता बनी रही, लेकिन बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार अब समान नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उद्योग और स्वतंत्रता पर असर
यह घटना फिल्म उद्योग में बहस छेड़ गई है। एक तरफ रचनात्मक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी की बात की जा रही है, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील मुद्दों पर नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। Zee5 ने पहले भी विवादास्पद फिल्मों को होस्ट किया है, लेकिन इस बार सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया ने सभी को चौंका दिया है। Diljit Dosanjh और फिल्म टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, हालांकि सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चा जारी है। कुछ यूजर्स ने डाउनलोडेड वर्जन शेयर करने की अपील की, जिस पर Zee5 ने एंटी-पायरेसी कार्रवाई की बात कही।
आगे क्या?
यह मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है। अगर सरकार OTT फिल्मों के लिए अनिवार्य CBFC सर्टिफिकेशन लागू करती है, तो पूरे स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री का परिदृश्य बदल सकता है। Netflix, Amazon Prime, JioHotstar जैसी कंपनियों को भी नए नियमों का पालन करना पड़ेगा। यह एक डेवलपिंग स्टोरी है। सरकार की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना आने पर अपडेट जारी किया जाएगा। फिल्म प्रेमी और उद्योग जगत दोनों ही इस मुद्दे पर नजरें टिकाए हुए हैं।

