नोएडा। न्यू नोएडा यानी दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR) के विकास की प्रक्रिया अब जमीन अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ने जा रही है। नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर न्यू नोएडा में भी वर्क सर्किल बनाए जाएंगे, जिनके जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों को व्यवस्थित तरीके से कराया जाएगा। पहले चरण में दो वर्क सर्किल बनाए जाने की योजना है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के अनुसार, न्यू नोएडा में जिस गांव की जमीन का अधिग्रहण सबसे पहले किया जाएगा, उसे सेक्टर-1 के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद आगे के क्षेत्रों को क्रमशः सेक्टर-2, सेक्टर-3 और इसी तरह नाम दिया जाएगा। इस तरह न्यू नोएडा में सेक्टरों का विकास एक निर्धारित क्रम और सिस्टम के तहत किया जाएगा तथा उसी आधार पर वर्क सर्किलों का विभाजन भी होगा।
पांच लेखपालों की नियुक्ति, जमीन अधिग्रहण की तैयारी तेज
न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए पांच लेखपालों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा अन्य लेखपालों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है। अधिकारियों की ओर से जमीन के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटाने की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, अधिसूचना जारी होने के बाद निर्धारित समय के पश्चात किए गए किसी भी निर्माण को नियमों के अनुसार अवैध निर्माण माना जाएगा। इसलिए संबंधित क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
शासन से मिनट्स का इंतजार, किसानों को मिलेगा आबादी भूखंड का लाभ
सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि न्यू नोएडा के विकास में किसानों को भी भागीदार बनाने की योजना है। जमीन खरीद और किसानों को मिलने वाले लाभों को लेकर शासन स्तर से मंजूरी और बैठक के मिनट्स का इंतजार किया जा रहा है।
योजना के मुताबिक, फेज-1 और फेज-2 में जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप दिए जाने की बात कही गई है। वहीं फेज-3 और फेज-4 में मुआवजा दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना प्राधिकरण के अनुरूप देने की योजना है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पहले चरण के 31 गांवों में लगाए जाएंगे कैंप
न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल 31 गांवों में प्राधिकरण की ओर से कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों के जरिए किसानों और भूमिधरों को जमीन खरीद की प्रक्रिया, मुआवजा और अन्य संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही किसानों की जमीन से जुड़े दस्तावेज, मालिकाना हक और भूमि रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जाएगी। बताया गया है कि न्यू नोएडा क्षेत्र में आने वाले कई किसान अब खुद प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर जमीन खरीद, मुआवजा और आबादी भूखंड से संबंधित जानकारी ले रहे हैं।
209.11 वर्ग किलोमीटर में विकसित होगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान करीब 209.11 वर्ग किलोमीटर यानी 20,911.29 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसे चार चरणों में विकसित करने की योजना है।
- फेज-1 (2023-2027): 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।
- फेज-2 (2027-2032): 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।
- फेज-3 (2032-2037): 5,908 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य।
- फेज-4 (2037-2041): 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास।
अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण की निर्धारित समयसीमा नजदीक आने के कारण जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों को शुरू करने की तैयारियां तेज की जा रही हैं।
वर्क सर्किल से कैसे बदलेगा न्यू नोएडा का विकास मॉडल?
नोएडा की तर्ज पर वर्क सर्किल बनने से न्यू नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों को अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों के जरिए संचालित किया जा सकेगा। सड़क, नाली, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की निगरानी इन्हीं सर्किलों के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
न्यू नोएडा को चरणबद्ध तरीके से सेक्टरों में विकसित करने और समानांतर रूप से वर्क सर्किल निर्धारित करने की योजना का उद्देश्य विकास कार्यों को एक व्यवस्थित ढांचे में आगे बढ़ाना है।
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