गणेश चतुर्थी पर कटरीना कैफ के वजन पर ट्रोलिंग, प्रेग्नेंसी के बाद बॉडी-शेमिंग पर उठे सवाल

मुंबई। गणेश चतुर्थी के मौके पर जहां पूरा देश उत्सव के रंग में डूबा हुआ था, वहीं बॉलीवुड अभिनेत्री और उद्यमी कटरीना कैफ एक अलग ही वजह से चर्चा में आ गईं। मुंबई में आयोजित कई कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचीं कटरीना की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके बदले हुए वजन को लेकर बड़ी संख्या में नकारात्मक टिप्पणियां होने लगीं।

क्या रहा ट्रोलिंग का मुख्य कारण

यूज़र्स ने कटरीना पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने आप पर ध्यान देना छोड़ दिया है और वह डाइट फॉलो नहीं कर रही हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने बिना मांगे उन्हें अपनी सेहत और फिटनेस को लेकर सलाह देना शुरू कर दिया, जिनमें से कई टिप्पणियां आलोचनात्मक और अपमानजनक प्रकृति की थीं।

गर्भावस्था के बाद शरीर में आते हैं स्वाभाविक बदलाव

आलोचकों ने जो बात नजरअंदाज की, वह यह है कि कटरीना कैफ ने बीते साल नवंबर में ही मां का दर्जा हासिल किया है। यानी बच्चे के जन्म को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से, प्रसव के बाद महिला के शरीर में कई तरह के बदलाव आना पूर्णतः स्वाभाविक प्रक्रिया मानी जाती है। गर्भाशय के आकार में बदलाव, पेट की मांसपेशियों का खिंचाव, त्वचा में स्ट्रेचिंग, हार्मोनल बदलाव, सी-सेक्शन के घाव, लंबे समय तक थकान और बालों का झड़ना जैसी स्थितियां आमतौर पर नई माताओं में देखी जाती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर को पूरी तरह सामान्य होने में कई महीने या एक साल से भी अधिक समय लग सकता है।

सिर्फ कटरीना नहीं, कई सेलेब्रिटीज़ रह चुकी हैं शिकार

यह पहला मौका नहीं है जब किसी अभिनेत्री को प्रसव के बाद शरीर में आए बदलाव को लेकर ट्रोल किया गया हो। बॉलीवुड में दीपिका पादुकोण, बिपाशा बसु और पत्रलेखा जैसी अभिनेत्रियां भी इसी तरह की आलोचना का सामना कर चुकी हैं। हॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं रहा है—केली क्लार्कसन, रिहाना, जेनिफर गार्नर, ऐन हैथवे और मार्गो रॉबी जैसी हस्तियों को भी पोस्टपार्टम वजन को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, समाज की सोच पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है कि आखिर समाज महिलाओं से प्रसव के तुरंत बाद पहले जैसा दिखने की उम्मीद क्यों रखता है। कई यूज़र्स का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में होना किसी महिला के शरीर को सार्वजनिक संपत्ति नहीं बना देता, और गर्भावस्था के बाद शरीर में बदलाव आना किसी असफलता का नहीं बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

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