यमुना सिटी में औद्योगिक क्रांति की तैयारी: 400 कंपनियों में उत्पादन शुरू कराने का लक्ष्य, 15 हजार रोजगार का होगा सृजन

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 400 कंपनियों में उत्पादन शुरू कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्राधिकरण ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है तो इस क्षेत्र में करीब 15 हजार नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो यमुना सिटी को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

3116 औद्योगिक भूखंड आवंटित, लीज डीड की प्रक्रिया जोरों पर

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यमुना सिटी फेज-1 में अब तक कुल 3,116 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें से 2,708 भूखंडों की चेक लिस्ट जारी की जा चुकी है, ताकि लीज डीड की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। इनमें से 2,427 उद्यमी अपनी लीज डीड करा चुके हैं। यह आंकड़ा यमुना सिटी में निवेशकों के बढ़ते विश्वास और उत्साह को दर्शाता है। प्राधिकरण अब बची हुई लीज डीड की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा कराने की दिशा में काम कर रहा है।

निर्माण पूर्ण इकाइयों को जल्द मिलेगा उपभोगिता प्रमाण पत्र

यीडा सीईओ ने बताया कि वर्तमान में 105 औद्योगिक इकाइयों का निर्माण पूरी तरह से पूर्ण हो चुका है। इन इकाइयों के उपभोगिता प्रमाण पत्र जल्द ही प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाएंगे, जिसके बाद इन कंपनियों में उत्पादन कार्य आधिकारिक रूप से शुरू हो सकेगा। इसके अलावा 87 और निर्माण ऐसे हैं जो कमोबेश पूरे होने की स्थिति में हैं। इन्हें भी शीघ्र ही पूर्णता की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह आने वाले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां उत्पादन के लिए तैयार हो जाएंगी।

निवेश और रोजगार सृजन है मुख्य प्राथमिकता

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की अब मुख्य प्राथमिकता केवल भूखंड आवंटन तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन भूखंडों पर निर्माण शुरू कराना और फिर उन इकाइयों में वास्तविक उत्पादन सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि जब तक कारखानों में उत्पादन नहीं होगा, तब तक न निवेश का वास्तविक लाभ मिलेगा और न ही रोजगार का सृजन होगा। इसी सोच के साथ यीडा ने 400 यूनिट में उत्पादन शुरू कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

400 यूनिट सक्रिय होने पर 15 हजार को मिलेगा रोजगार

यीडा के अनुमान के मुताबिक यदि 400 औद्योगिक इकाइयां इस वित्तीय वर्ष में सक्रिय होकर उत्पादन शुरू करती हैं, तो यमुना सिटी में करीब 15 हजार नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। यह न केवल स्थानीय युवाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद है, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने में भी सहायक होगा। रोजगार सृजन के साथ-साथ इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी और स्थानीय व्यापार को भी बल मिलेगा।

यमुना सिटी बनेगा उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र

यीडा के इस कदम को यमुना सिटी के औद्योगिक भविष्य के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित होने के कारण यह क्षेत्र पहले से ही निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। अब उत्पादन शुरू होने से यह क्षेत्र न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। प्राधिकरण के इस सुनियोजित प्रयास से यमुना सिटी के औद्योगिक विकास को नई गति और दिशा मिलने की उम्मीद है।

 

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