Firing on Indian Tankers : नई दिल्ली/होर्मुज। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों पर गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
Firing on Indian Tankers :
सूत्रों के मुताबिक, ईरानी गनबोट्स द्वारा फायरिंग किए जाने के बाद कई भारतीय टैंकरों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी क्रू मेंबर के घायल होने की खबर नहीं है और जहाजों को भी सीमित नुकसान हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात एक ऑडियो संदेश का सामने आना है, जिसने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है। कच्चे तेल के टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ से भेजे गए इस करीब 30 सेकेंड के ऑडियो में क्रू सदस्य ईरानी नौसेना से गुहार लगाते हुए कहता है—
“सेपाह नेवी… आपने हमें आगे बढ़ने की अनुमति दी थी। आपकी सूची में हमारा नाम दूसरे नंबर पर है। आप गोलीबारी कर रहे हैं, कृपया हमें वापस लौटने दें।”
यह ऑडियो एक समुद्री खुफिया फर्म ‘टैंकर ट्रैकर’ के जरिए सामने आया है, जो जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखती है। इस ऑडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पहले अनुमति दी गई थी तो अचानक गोलीबारी क्यों की गई।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित टैंकर उस समय जलडमरूमध्य के ‘ग्रीन एरिया’ में मौजूद था। बताया गया कि पूर्व दिशा की ओर बढ़ते समय जहाज ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) बंद कर दिया था, जिसे बाद में फिर चालू किया गया। इस घटना की चपेट में आए दूसरे जहाज की पहचान ‘जग अर्णव’ के रूप में हुई है।
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारत में तैनात ईरानी राजदूत को तलब किया और इस गंभीर मामले पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। विदेश सचिव ने साफ कहा कि भारत के लिए अपने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि ईरान पहले भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराता रहा है, ऐसे में इस तरह की घटना चिंताजनक है। भारत ने ईरान से मांग की है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में इस तरह का तनाव जारी रहता है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
Firing on Indian Tankers

