Noida Violence: नोएडा। 13 अप्रैल को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हुए श्रमिक प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
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पुलिस के मुताबिक, आदित्य आनंद को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर ट्रैक किया गया। पूछताछ में सामने आया है कि श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को हिंसक रूप देने की साजिश पहले से रची गई थी। 13 अप्रैल को प्रदर्शन के दौरान शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और उपद्रव हुआ था।
इंजीनियर से बना आंदोलनकारी, कई संगठनों से जुड़ाव
झारखंड के हजारीबाग निवासी आदित्य आनंद ने एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक किया है और कैंपस प्लेसमेंट के जरिए नोएडा की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत रहा। वह पहले गुरुग्राम में रह रहा था और जून 2025 में नोएडा के सेक्टर-37 में किराये के मकान में शिफ्ट हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आदित्य की पहचान 2022 में फेसबुक के जरिए मजदूर संगठन “मजदूर बिगुल” से हुई। इसके बाद वह मजदूरों की समस्याओं को लेकर सक्रिय हुआ और 2023 में “भगत सिंह जन अधिकार यात्रा” के दौरान सह-आरोपी रुपेश रॉय और मनीषा चौहान से संपर्क में आया। दोनों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आदित्य का जुड़ाव दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, आरडब्ल्यूपीआई और नौजवान भारत सभा जैसे संगठनों से भी रहा है।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज, ATS भी जांच में जुटी
नोएडा फेज-2 थाने में आदित्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसमें दंगा, चोट पहुंचाना, सरकारी कार्य में बाधा डालना, आपराधिक धमकी और साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं। अदालत द्वारा उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाया जा रहा है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
वहीं, इस मामले में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने भी अलग से जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर हिंसा के दौरान मौतों से जुड़े फर्जी वीडियो पाकिस्तान से संचालित अकाउंट्स द्वारा वायरल किए गए थे, जिससे स्थिति को और भड़काने की कोशिश की गई।
सतर्कता बढ़ी, कई राज्यों में छापेमारी
नोएडा पुलिस और STF की टीमें कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस हिंसा के पीछे संभावित नेटवर्क और अन्य शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई
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