IITian RAS Kajal Meena Arrest: राजस्थान की 2024 बैच की RAS अधिकारी और करौली जिले के नादौती उपखंड में तैनात SDM काजल मीणा को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
एक स्थानीय निवासी ने ACB में शिकायत दर्ज कराई कि जमीन बंटवारे के एक मामले में अंतिम डिक्री जारी कराने के लिए उससे रिश्वत की मांग की जा रही है। पहले ₹1 लाख की मांग की गई थी, जो बाद में ₹50,000 पर तय हुई। ACB की सवाई माधोपुर यूनिट ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया और शिकायतकर्ता को तय रकम लेकर SDM कार्यालय भेजा। ऑपरेशन में SDM काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और सीनियर असिस्टेंट प्रवीण धाकड़ को नादौती में रंगे हाथ पकड़ा गया। ₹60,000 में से ₹50,000 SDM के लिए और ₹10,000 रीडर के लिए बताए गए। इसके अलावा एक बैग से ₹4 लाख की संदिग्ध नकदी भी बरामद की गई।
कौन हैं काजल मीणा?
काजल मीणा का सफर प्रेरणादायक माना जाता था। उन्होंने IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की और RAS 2021 परीक्षा में अनुसूचित जनजाति (ST) श्रेणी में टॉप रैंक हासिल किया। RAS बनने से पहले वे EPFO में अधिकारी और दिल्ली में दूरसंचार विभाग में ASO पद पर भी काम कर चुकी थीं। वे सवाई माधोपुर के वजीरपुर उपखंड के बडौली गांव की निवासी हैं। उन्होंने अक्टूबर 2025 में नादौती में कार्यभार संभाला था यह उनकी दूसरी प्रमुख पोस्टिंग थी।
वायरल हुआ मॉक इंटरव्यू
गिरफ्तारी के बाद उनका एक पुराना मॉक इंटरव्यू वायरल हो गया, जिसमें उनसे पूछा गया था कि एक IIT इंजीनियर होते हुए वे सिविल सेवा में क्यों आना चाहती हैं उन्होंने कहा था कि एक सिविल सेवक के पास लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अधिकार और शक्ति होती है। इस बयान और गिरफ्तारी के विरोधाभास ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी।
कानूनी कार्रवाई
तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। ACB के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में यह कार्रवाई की गई। यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही और नौकरशाही में ईमानदारी के सवाल को एक बार फिर सामने लाता है।

