US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान पर की एयर स्ट्राइक, होर्मुज में बढ़ा तनाव, महंगे हुए तेल के दाम

US Iran Conflict: वाशिंगटन/दुबई, संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर नई हवाई हमलों की शुरुआत कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर पोस्ट कर बताया कि दोपहर 12 बजे ET (1600 GMT) से ये हमले शुरू हुए। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक शिपिंग और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हालिया IRGC के कथित हमले के प्रयासों के जवाब में किए गए।

ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क और सिरिक में विस्फोटों की खबरें आईं। ये हमले पिछले सप्ताहांत के आदान-प्रदान के बाद आए, जब अमेरिका ने लारक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था और ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। यह जुलाई के बाद दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य आदान-प्रदान था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि अगर ईरान जवाब देता है तो उसे और ज्यादा कड़ी मार दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह हमला “जस्टिफाइड” है और आगे बड़े हमले भी संभव हैं। इस बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने नए बैंक प्रतिबंधों की चेतावनी दी, जिनका उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से दबाव में रखना है।

ईरान ने विरोध जताया। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में कहा कि अगर अमेरिका जून के अंतरिम समझौते (Memorandum of Understanding) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है तो ईरान तुरंत जवाब देगा। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कलिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन फारस की खाड़ी से तेल निर्यात रोकना चाहता है तो कोई भी तेल निर्यात नहीं कर पाएगा। IRGC प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका को अपने नए हमलों का पछतावा होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से युद्ध से पहले वैश्विक तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था। हाल के दिनों में दो सुपरटैंकरों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की खबरें आईं, जिससे तेल कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड लगभग 4 प्रतिशत तक बढ़कर एक सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

जून में दोनों देशों ने अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें युद्धविराम, होर्मुज से खदानें हटाने और 60 दिनों की बातचीत का प्रावधान था। लेकिन यह समझौता जल्द ही टूट गया और अब तनाव फिर से बढ़ रहा है। दोनों पक्ष पूर्ण पैमाने के युद्ध से बचने की बात कर रहे हैं, लेकिन एक-दूसरे के हमलों का जवाब देने की प्रतिबद्धता क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ा रही है। अमेरिकी दूतावास कतर ने मध्य पूर्व में अमेरिकियों से सतर्क रहने और संभावित उड़ान रद्दीकरण तथा यात्रा व्यवधानों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। वैश्विक तेल बाजार और शिपिंग पर असर जारी रहने की आशंका बनी हुई है।

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